उमाकांत त्रिपाठी। केंद्रीय ग्रहमंत्री अमित शाह ने एक इंटरव्यू में कही।अगर आप पहले दो चरणों को देखें तो वोटर टर्नआउट थोड़ा कम रहा है. कुछ राज्यों में 5-6 प्रतिशत नीचे रहा है. तो 400 पार का आपका नारा है, 370 भारतीय जनता पार्टी. तो क्या गाड़ी पटरी पर है? बिल्कुल पटरी पर है. आप परिणाम के दिन देख लीजिएगा, साढ़े बारह बजे के पहले एनडीए 400 पार कर जाएगी. नरेंद्र मोदी जी फिर से प्रधानमंत्री बन जाएंगे. जो लोअर टर्नआउट है इसके बहुत सारे कारण हैं. 12 साल के बाद मतदाता सूची का नवीनीकरण हुआ है. दूसरा कारण है सामने से कोई लड़ाई ही नहीं है. जिसके कारण टर्नआउट पर एक प्रकार से असर होता है. मगर हमारी पार्टी की टीम ने, मैंने स्वयं बहुत डिटेल एनालिसिस किया है. हम दो चरण में 100 पार करके 100 से कहीं अधिक सीटें जीत के साथ आगे बढ़ रहे हैं. तो मुझे 400 पार के लक्ष्य में कोई दिक्कत दिखाई नहीं पड़ती।
सवाल: कौन से ऐसे मुद्दे हैं जिनको लेकर भारतीय जनता पार्टी तीसरी बार लोगों के बीच जा रही है. संक्षेप में बताएं कि किन उपलब्धियों को लेकर आप जनता के बीच उतर रहे हैं?
अमित शाह: देखिये, सबसे पहले इस देश में आतंकवाद और नक्सलवाद, ये दो ऐसी समस्याएं थीं, जो कई दशकों से देश के विकास के लिए नासूर बनी हुई थीं. नरेंद्र मोदी जी ने 10 साल के अंदर लगभग-लगभग आतंकवाद से शत-प्रतिशत निजात पाई है और नक्सलवाद के लिए आप कह सकते हैं कि 95 प्रतिशत तक इसको समाप्त कर दिया है।
आज बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र… इन 7 राज्यों से नक्सलवाद पूर्ण रूप से समाप्त हो चुका है. छत्तीसगढ़ के 4 जिलों में बचा है. वहां पर भी अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है और विगत 3 महीनों के अंदर ही लगभग 100 नक्सलवादी मारे गए हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि मोदी जी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद एक-दो साल में ही देश नक्सलवाद से मुक्ति पा लेगा।
शाह बोले
दूसरा बड़ा मुद्दा है- देश की इकोनॉमी सब दृष्टि से चरमराई हुई थी. पॉलिसी बनती ही नहीं थी. उत्पादन की गतिविधियां मंद पड़ गई थीं. निर्यात औंधे मुंह गिर रहा था. देश के सभी सार्वजनिक बैंकों की बैलेंसशीट भी न बन पाए अगर सच में बनाने जाएं. इस प्रकार की स्थिति थी. महंगाई आसमान को छू रही थी और कुल मिलाकर बजट के सोलह के सोलह पैरामीटर्स निगेटिव दिखाई दे रहे थे. 10 ही साल में मोदी जी ने इस परिदृश्य को पूर्णतया बदला है. शेयर बाजार आज आसमान को छू रहा है. एफएफआई की सेलिंग के बाद भी भारतीय म्यूचुअल फंडों ने बाजार को ताकत दी है. पीएलआई स्कीम और एक मजबूत इको सिस्टम के कारण भारत फेविरिट डेस्टिनेशन मैन्यूफैक्चरिंग के लिए पूरी दुनिया में नंबर एक बना है. हमारे बच्चे स्टार्टअप हर रोज रजिस्टर कर रहे हैं. हमारी कंपनियां पेटेंट हर रोज रजिस्टर कर रही हैं. ढेर सारे स्वरोजगार के अवसर पैदा हुए हैं. सभी के सभी बैंकों की बैलेंसशीट आज बहुत अच्छी बन चुकी है. इंडस्ट्रियल ग्रोथ के जितने भी पैरामीटर्स हैं, वह 25 साल के टॉप मोस्ट मार्किंग पर हैं. एक्सपोर्ट रिकॉर्ड तोड़कर आगे ही बढ़ता जा रहा है।
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इसी प्रकार से हम कुछ क्षेत्रों में आने वाले 25 सालों तक दुनिया भर की इकोनॉमी को ड्राइव करने वाले हैं. उन सभी क्षेत्रों में भारत आज पायोनियर बन चुका है. जैसे ग्रीन हाइड्रोजन मैन्यूफैक्चरिंग, थोड़े लेट हैं, मगर सेमी कंडक्टर, इलेक्ट्रिकल मोटर व्हीकल मोटर, बैटरी का उत्पादन, अंतरिक्ष का क्षेत्र. लेट होने के बावजूद मैं फिर से कहना चाहूंगा डिफेंस भी. इस प्रकार के कई क्षेत्रों के अंदर, जो आने वाले 25 साल तक दुनिया की इकोनॉमी की दिशा और दशा तय करने वाले हैं. वहां आज भारत एक मजबूत फाउंडेशन डाल चुका है और इस फाउंडेशन पर एक बड़ी इमारत बननी है. तो देश की इकोनॉमी भी सुधरी है, सुरक्षित भी हुआ है. देश 11वें का अर्थतंत्र था, आज 5वें नंबर का अर्थतंत्र बना है।
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गांव हो या शहर, जंगल हो या रेगिस्तान, सागर किनारा हो या शहर हो… हर जगह इंफ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट के काम हो रहे हैं. आज 10 लाख करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्चा भारत के बजट में आम बात है. जीएसटी कलेक्शन और डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन अपने सारे रिकॉर्ड स्वयं ही तोड़ते जा रहे हैं. देश के अंदर सीमाओं को चाक-चौबंद करने का काम भी नरेंद्र मोदी जी ने बहुत अच्छे तरीके से किया है. जनता में भारत का भविष्य उज्ज्वल है इस प्रकार के विश्वास का निर्माण करने की नेतृत्व की जो जिम्मेदारी है, नरेंद्र मोदी जी को इसमें बहुत अच्छी तरीके से सफलता मिली है. आज पूरे 130 करोड़ लोग, हम विश्व में सर्वप्रथम बन सकते हैं, इस आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं. हायर एजुकेशन हो, नई इकोनॉमिक पॉलिसी हो या फिर राम जन्मभूमि, अनुच्छेद 370 हटाना, ट्रिपल तलाक समाप्त करना, यूसीसी हो या देश के क्रिमिनल लॉ के अंदर आमूलचूल परिवर्तन करना हो… हर क्षेत्र के अंदर ये 10 साल स्वर्णिम अक्षरों से लिखे जाने वाले 10 साल हैं. जनता भी ये फील कर रही है कि कोरोना जैसी महामारी से इतनी अच्छी तरीके से लड़ा जा सका, वह केवल और केवल नरेंद्र मोदी जी का नेतृत्व है।
सवाल: पिछले कुछ महीनों से सरकार इकोनॉमी की बात कर रही थी, डेवलपमेंट की बात कर रही थी, जो चीजें आपने अभी बताईं, इसकी बात करके जनता के बीच जा रही थी. पहले चरण के बाद यह देखा गया कि थोड़ा ये तुष्टीकरण की ओर मुड़ा, थोड़ा हिंदू- मुसलमान हुआ. आप लोगों ने कांग्रेस के मैनिफेस्टो पर अटैक किया. प्रधानमंत्री ने राजस्थान की एक रैली में कहा कि कांग्रेस के मैनिफेस्टो में अर्बन नक्सल की महक है. इसमें माओइस्ट खयाल दिखाई देता है. तो यह कहां से आया?
अमित शाह: देखिये हमारा दायित्व है कि हमारे खिलाफ जो चुनाव लड़ रहे हैं, इनकी मंशाओं को हम उजागर करें. आप मुझे बताइए इस जमाने में कोई भी पॉलिटिकल पार्टी पर्सनल लॉ की बात कर सकती है क्या, क्या देश शरिया के आधार पर चलेगा? एक ओर हम अपने घोषणापत्र के अंदर संकल्पपत्र के अंदर कह रहे हैं कि हम यूनिफॉर्म सिविल कोड लाएंगे और कांग्रेस कह रही है कि हम पर्सनल लॉ को प्रमोट करेंगे. कांग्रेस पार्टी को जवाब देना चाहिए. बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है।
सवाल- तो इसलिए आप कह रहे हैं कि मुस्लिम लीग की छाप है?
अमित शाह: बिल्कुल मुस्लिम लीग की छाप है. आप मुझे बताइए. वो कह रहे हैं कि देश के कॉन्ट्रैक्ट्स में माइनॉरिटी को प्रायरिटी देंगे. कॉन्ट्रैक्ट्स फर्स्ट पुअरेस्ट कौन है? पास्ट परफॉर्मेंस क्या है? काम करने की क्षमता है या नहीं है? इसके आधार पर निर्धारित होंगे या कॉन्ट्रैक्टर के धर्म के आधार पर निर्धारित होंगे? किस तरह ये देश चलाना चाहते हैं? देश की जनता को इसको सोचना पड़ेगा. बहुत समय बाद देश को तुष्टीकरण की राजनीति से नरेंद्र मोदी जी बाहर निकालकर लाए हैं. ये फिर से उसी दिशा में ले जा रहे हैं क्योंकि कांग्रेस जीतने का आत्मविश्वास गंवा चुकी है।
सवाल: प्रधानमंत्री ने उस रैली में यह भी कहा कि सबकी जमा पूंजी को चेक करके वेल्थ को रीडिस्ट्रीब्यूट किया जाएगा. और वेल्थ रीडिस्ट्रीब्यूट करके मुसलमानों और घुसपैठियों को दिया जाएगा. यह कहां से आता है?
अमित शाह: यह देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का बयान है. बड़ा प्रसिद्ध बयान था कि इस देश के संसाधनों पर सबसे पहला अधिकार माइनॉरिटी का और माइनॉरिटी में भी मुसलमानों का है. अब जब वेल्थ डिस्ट्रीब्यूट करने की बात आती है तो संसाधन से ही होगी. सरकार लोगों की संपत्ति लेकर डिस्ट्रीब्यूट करेगी. और मैं कहता हूं कि अगर ये सच नहीं है तो कांग्रेस पार्टी बताए कि इसका मतलब क्या है?
सवाल: राहुल गांधी ने साफ-साफ कहा है कि अगर वो लोग सरकार बनाएंगे तो एक राष्ट्रीय स्तर पर एक्स-रे होगा, जिससे कि लोगों का सोशियो-इकोनॉमिक स्टेटस पता किया जाएगा. किस वर्ग, किस जाति के पास कितनी दौलत है, कितना धन है और इंस्टीट्यूशन में कितनी भागेदारी है और उस हिसाब से रीडिस्ट्रीब्यूशन होगा?
अमित शाह: तो इस हिसाब से रीडिस्ट्रीब्यूशन में इनकी प्रायरिटी तय है।
सवाल- वह कहते हैं कि असमानता को खत्म करने का यही तरीका है?
अमित शाह: वह उनकी समझ है. मुझे लगता है इतनी पुरानी पार्टी ने अपना मैनिफेस्टो माइनॉरिटीज़ और एक्स्ट्रीम लेफ्ट आइडियोलॉजी वाले लोगों को आउटसोर्स किया है।














