उमाकांत त्रिपाठी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को अहमदाबाद पहुंचे। यहां एक कार्यक्रम में उन्होंने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए शरणार्थियों को CAA के तहत नागरिकता प्रमाण पत्र बांटे। इस दौरान उन्होंने INDI गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं। कांग्रेस की सरकारों ने हिंदू, बौद्ध, सिख और जैन शरणार्थियों के साथ न्याय नहीं किया।
CAA पर ये बोले शाह
अमित शाह ने कहा कि- “सीएए सिर्फ लोगों को नागरिकता देने के लिए नहीं है, यह लाखों लोगों को न्याय और अधिकार देने के लिए भी है। कांग्रेस और उसके सहयोगियों की तुष्टिकरण की राजनीति के कारण, 1947 से 2014 तक शरण लेने वाले लोगों को न्याय नहीं मिला। उन्हें पड़ोसी देशों में प्रताड़ित किया गया क्योंकि वे हिंदू, बौद्ध, सिख या जैन थे। यहां तक की उन्हें अपने देश में भी प्रताड़ित किया गया। इंडी एलायंस की तुष्टिकरण की राजनीति की वजह से ऐसे लोगों को कभी न्याय नहीं मिला। जब हमारी सरकार आई तो पीएम मोदी ने उन्हें न्याय दिया।
कांग्रेस ने सिर्फ अपना वोट बैंक देखा
शाह ने आगे कहा कि- भारत का विभाजन धर्म के आधार पर हुआ था। जब विभाजन हुआ तो दंगे हुए, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में रहने वाले करोड़ों हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा और कई परिवार खत्म हो गए। कांग्रेस ने आश्वासन दिया था कि इन देशों के शरणार्थियों को भारत में नागरिकता दी जाएगी, लेकिन अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए उन्होंने ऐसा नहीं किया।
हमने अपना वादा निभाया
गृहमंत्री ने कहा कि- बीजेपी ने 2014 में वादा किया था कि अगर वह सत्ता में आई तो वह सीएए को लागू करेगी। हालांकि कानून 2019 में पारित किया गया था, फिर भी नागरिकता देने में देरी हुई क्योंकि अल्पसंख्यकों को गुमराह किया गया था, लेकिन सीएए किसी से नागरिकता नहीं छीनता है। आज भी कुछ राज्य सरकारें लोगों को गुमराह कर रही हैं। मेरे राज्य में, 128 परिवार भारत के नागरिक बन गए हैं। जब बांग्लादेश बना था तब वहां 27 प्रतिशत हिंदू थे, लेकिन आज यह 9 प्रतिशत है क्योंकि उन्हें अपना धर्म बदलने के लिए मजबूर किया गया था।














