खबर इंडिया की।प्रिंसिपल स्कूल में छोटे कपड़े पहनकर आने को कहते हैं। मना करने पर CCTV से मेरी फोटो निकालते हैं और उसे गलत तरीके से एडिट कर वायरल करने की धमकी देते हैं।
ये आरोप लखीसराय के एक सरकारी आवासीय स्कूल की महिला टीचर ने लगाया है। इस मामले को लेकर टीचर शनिवार को बिहार राज्य महिला आयोग पहुंचीं और प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
अपनी शिकायत में महिला ने बताया, “प्रिंसिपल मुझे अश्लील इशारे भी करते हैं। वे कहते हैं कि स्कूल समय से पहले आया करो और छुट्टी के काफी देर बाद जाया करो।
वहीं प्रिंसिपल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा, “मैंने कोई भी गलत हरकत नहीं की है। समय पर स्कूल नहीं आने को लेकर ही यह विवाद हुआ है।
CCTV से क्लिप निकालकर ब्लैकमेल करता है प्रिंसिपल
पीड़िता ने कहा,कि- मैं रोज समय पर अपनी ड्यूटी पर जाती थी। वहां के प्रिंसिपल मुझे गलत नीयत से देखते हैं और मुझे प्रताड़ित भी करते हैं। एक दिन मैंने उन्हें मेरी फोटो खींचते हुए देखा।
जब मैंने इसका विरोध किया तो उन्होंने मेरी छुट्टी रद्द कर दी। इसके बाद उन्होंने परिसर में लगे CCTV कैमरे से मेरा वीडियो क्लिप और फोटो निकाल लिया। फिर उसे दिखाकर मुझे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।”
प्रिंसिपल ने मुझे अश्लील इशारे करता था
टीचर ने बताया,कि- वह मुझे स्कूल समय से पहले आने और छुट्टी के बाद देर से जाने को कहते हैं। कई बार उन्होंने मुझे अश्लील इशारे भी किए। मुझे परेशान करने के लिए उन्होंने मेरी बनी हुई हाजिरी भी काट दी।18 दिसंबर 2025 को जब मैं समय पर स्कूल पहुंची, तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर मुझे स्कूल से बाहर कर दिया और धमकी दी कि मुझे पढ़ाने लायक नहीं छोड़ेंगे।
पीड़िता ने आगे बताया, “प्रिंसिपल ने मुझे जान से मारने और मेरी दोनों बच्चियों के अपहरण की धमकी भी दी। उन्होंने मेरे चरित्र को धूमिल करने और वीडियो वायरल करने की बात कही, ताकि मैं कहीं की न रहूं।मैंने अपनी जान बचाने के लिए अपने पिता और भाई को स्कूल बुलाया। इस पूरे घटनाक्रम का किसी ने वीडियो बना लिया, जो बाद में वायरल हो गया। इस मामले का ऑडियो क्लिप भी शिक्षा विभाग तक पहुंच चुका है।
प्रिंसिपल बोले- मेरे ऊपर लगे सारे आरोप झूठे
प्रिंसिपल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा बताया है। उन्होंने कहा, “टीचर समय पर स्कूल नहीं आती थी और अटेंडेंस रजिस्टर में देरी से आने के बाद भी पहले का समय दर्ज कर देती थी। इसे देखने के बाद मैंने उसे काटकर एब्सेंट कर दिया।वह बिना किसी सूचना के छुट्टी पर भी चली जाती थी। मैं सिर्फ उसे समय पर स्कूल आने के लिए कहता था। मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं।”
21 अप्रैल को सुनवाई की अगली तारीख
बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य श्यामा सिंह ने कहा,कि- विद्यालय की शिक्षिका की ओर से हमारे पास आवेदन आया है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि- प्रधानाध्यापक उन्हें परेशान करते हैं। परिसर में लगे CCTV कैमरे के वीडियो से उनके फोटो और वीडियो क्लिप निकालकर दिखाते थे और उन्हें छोटे कपड़े पहनकर स्कूल आने के लिए कहते थे।














