उमाकांत त्रिपाठी।पैगंबर मोहम्मद साहब को लेकर वर्ष 2022 में दिए गए विवादित बयान के बाद लंबे समय से सार्वजनिक जीवन से दूर चल रहीं बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़े इस मुश्किल दौर का जिक्र किया. सेवा भारती के दिल्ली चैप्टर की तरफ से आयोजित महिला सम्मेलन में बोलते हुए शर्मा ने कहा कि बीते चार साल से वह बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रही हैं और कड़ी सुरक्षा के बीच रहना उनकी मजबूरी बन गया है.
नूपुर शर्मा ने यह भी कहा कि- अगर आज वह सुरक्षित और जीवित हैं तो इसका श्रेय देश के प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह को जाता है. उन्होंने बताया कि- लगातार मिल रही धमकियों की वजह से उन्हें सामान्य जीवन से लगभग दूर रहना पड़ा है.
2022 के बयान के बाद शुरू हुआ विवाद
दरअसल, जून 2022 में ज्ञानवापी मस्जिद विवाद पर एक टीवी डिबेट के दौरान नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. इस बयान के बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए और कई मुस्लिम देशों में भी नाराजगी जताई गई.
महिला सम्मेलन में साझा किया अनुभव
अपने अनुभवों को शेयर करते हुए नूपुर शर्मा ने कहा कि- वह यहां आंकड़े पेश करने नहीं आई हैं, बल्कि अपने अनुभव साझा करना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में उन्होंने अपनी आजादी लगभग खो दी है और बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जीवन बिताया है.उन्होंने कहा कि- यदि वह आज भी सांस ले रही हैं और उनका परिवार सुरक्षित है तो इसका कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की ओर से मिली सुरक्षा व्यवस्था है.
महिलाओं को आत्मरक्षा सीखने की सलाह
इस कार्यक्रम के दौरान नूपुर शर्मा ने महिलाओं और लड़कियों के सशक्तिकरण की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि- अगर उनके माता-पिता ने उन्हें वकालत की पढ़ाई के साथ-साथ आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी दिलाया होता तो वह अपने परिवार की सुरक्षा के लिए और अधिक सक्षम होतीं. उन्होंने कहा कि महिलाओं को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि आत्मरक्षा के कौशल भी सीखने चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर वे खुद और अपने परिवार की रक्षा कर सकें.














