उमाकांत त्रिपाठी।7 मार्च को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में BJP की परिवर्तन यात्रा पहुंची। यहां रघुनाथपुर इंडस्ट्रियल एरिया है इसलिए हिंदी भाषी और आदिवासी आबादी ज्यादा है। यहां से BJP के ही विधायक हैं, फिर भी रैली में भीड़ कम पहुंची। यहीं रास्ते में अवधेश राम मिले। वो रैली में नहीं आए लेकिन चाहते हैं कि राज्य में सरकार जरुर बदले।वजह पूछने पर कहते हैं, ‘हमें सरकारी घर मिलने वाला था। कई बार पूछताछ भी हुई। यहां तक की BDO भी आए लेकिन घर नहीं मिला। इसलिए चाहता हूं बंगाल में भी डबल इंजन की सरकार आए ताकि हम जैसे गरीबों का भला हो सके। हमें मोदी जी पर पूरा भरोसा है।
पश्चिम बंगाल में अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने हैं। BJP ने इसे देखते हुए पूरे राज्य में 5 हजार किलोमीटर की ‘परिवर्तन यात्रा’ निकाली। शुरुआत राज्य के अलग-अलग हिस्सों से 1 और 2 मार्च को हुई।ये 294 सीटों में से 237 तक पहुंची। यात्रा का समापन 14 मार्च को कोलकाता के बिग्रेड मैदान में PM मोदी ने किया।इस यात्रा को दो हिस्सों साउथ-वेस्ट बंगाल और नॉर्थ बंगाल से कवर किया। परिवर्तन यात्रा के मुद्दे और मकसद क्या रहे। जिन इलाकों से ये गुजरी, वहां पर इसका कितना असर है? विधानसभा चुनाव में इससे BJP को कितना फायदा होने वाला है? ग्राउंड पर पहुंचकर हमने समझने की कोशिश की।
1 मार्च को BJP तो 2 मार्च को TMC के इलाके से शुरुआत
BJP ने 1 मार्च को जिन चार जगहों से रैली शुरू की, वहां पार्टी की अच्छी पकड़ है। 2021 के विधानसभा चुनाव में BJP ने यहां सीटें भी जीतीं। कूचबिहार की दोनों और कुल्टी की एक सीट BJP के पास है। वहीं नदिया जिले में 17 सीटों में 9 BJP के पास है।
2 मार्च से TMC के दबदबे वाले इलाकों से यात्रा की शुरुआत हुई। इसमें कोलकाता के मेयर और विधायक फरदीन अहमद की सीट शामिल है। यात्रा का समापन के लिए PM मोदी 14 मार्च को कोलकाता पहुंचे। साउथ बंगाल का ये इलाका TMC के प्रभाव वाला है।यहां से PM मोदी ने कहा, ‘पूरे बंगाल में एक ही चर्चा है कि बदलाव चाहिए। इस जमीन से जब-जब चुनौती आई, तब-तब यहां के लोगों ने सामना किया है। कुछ लोग आपको डराने की कोशिश करेंगे, लेकिन जब जनता ठान लेती है तो कोई भी ताकत उसे रोक नहीं सकती। इस बार चुनाव सिर्फ सरकार बदलने का नहीं, बंगाल की आत्मा को बचाने का है।














