उमाकांत त्रिपाठी। 10 मई को छत्तीसगढ़ के बीजापुर और तेलंगाना के मुलुगू जिले की सीमा पर स्थित करेंगुट्टा पहाड़ियों में सुरक्षा बलों ने एक ऐतिहासिक anti-Naxal operation को अंजाम दिया। इस मिशन के दौरान, राजस्थान के बानसूर विधानसभा के बबेरा गांव के CRPF जवान कृष्ण गुर्जर एक IED blast की चपेट में आ गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनका एक पैर काटना पड़ा। बावजूद इसके, उनके चेहरे पर मुस्कान बनी रही, जिसने सभी को प्रेरित किया।
दिल्ली एम्स में चल रहा इलाज
घायल जवान कृष्ण गुर्जर का इलाज मौजूदा समय में दिल्ली के AIIMS ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने हाल ही में अस्पताल पहुंचकर जवान से मुलाकात की और उनके साहस की सराहना की। शाह ने कहा कि कृष्ण गुर्जर जैसे जवानों की देशभक्ति और commitment राष्ट्र के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने जवान के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और उनके परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ है।
करेंगुट्टा ऑपरेशन में पाई सफलता
यह सुरक्षा अभियान 21 दिनों तक चला, जिसमें सेना ने 60 किलोमीटर लंबे और 20 किलोमीटर चौड़े इलाके में search and destroy अभियान चलाया। इसमें 31 इनामी नक्सली मारे गए, जिनमें 16 महिलाएं और 15 पुरुष थे। इन पर कुल 1.72 करोड़ रुपये का इनाम था। सुरक्षा बलों ने 214 नक्सली ठिकानों, 250 गुफाओं और कई ambush points को भी ध्वस्त किया। इस दौरान बड़ी संख्या में हथियार, विस्फोटक और राशन सामग्री बरामद की गई।
नक्सलियों की मांद में लहरा रहा तिरंगा
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जिस करेंगुट्टा इलाके में एक समय में नक्सलियों की पकड़ मजबूत थी, आज वहां शान से तिरंगा लहरा रहा है। यह क्षेत्र कभी PLGA, DKSZC, और CRC जैसे नक्सली संगठनों का गढ़ था। लेकिन अब यह इलाका देशभक्ति और त्याग की कहानी बन गया है। शाह ने अपने बयान में दोहराया कि 31 मार्च 2026 तक भारत को नक्सलिज्म से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा।















