उमाकांत त्रिपाठी। पहलगाम हमले के बाद कुछ बड़ा होने की चर्चा तेजी से चल रही है. इस बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार सुबह सबसे पहले आर्मी चीफ से मुलाकात की और लंबी मंत्रणा की. उसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लोक कल्याण मार्ग स्थिति प्रधानमंत्री आवास पहुंचे और वहां पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है. राजनाथ ने पीएम को ताजा हालात के बारे में अपडेट दिया है. दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक गहन मंत्रणा हुई.
रक्षा मंत्री की पीएम मोदी से बैठक
रक्षा मंत्री सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक की है और पहलगाम में चल रहे ऑपरेशन और स्थिति की जानकारी दी है. इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सुबह साउथ ब्लॉक पहुंचे थे, जहां उन्हें सेना प्रमुख ने सैन्य ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी थी. दरअसल, पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी का बेहद रुख देखा जा रहा है. ऐसे में पूरी दुनिया में यह चर्चा है कि कुछ बड़ा होने वाला है और भारत आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देने जा रहा है. दिल्ली से लेकर बॉर्डर तक हाईअलर्ट देखने को मिल रहा है.
होने वाला है सैन्य ऑपरेशन.?
पहलगाम में आतंकी हमले पर देश का आक्रोश थम नहीं रहा है. आतंकियों को गिरफ्त में लेने का ऑपरेशन लगातार चल रहा है. संकेत बड़ी तैयारी के हैं. पीएम मोदी और रक्षा मंत्री सिंह की इस बैठक की जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा. ये बैठक सैन्य ऑपरेशन की रणनीति का हिस्सा है.
आतंकियों को बताया था कायर
एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में कहा था, पहलगाम में हुई आतंकी वारदात ने देश के हर नागरिक को दुःख पहुंचाया है. पीड़ित परिवारों के प्रति हर भारतीय के मन में गहरी संवेदना है. भले वो किसी भी राज्य का हो, वो कोई भी भाषा बोलता हो, लेकिन वो उन लोगों के दर्द को महसूस कर रहा है, जिन्होंने इस हमले में अपने परिजनों को खोया है. मुझे एहसास है, हर भारतीय का खून, आतंकी हमले की तस्वीरों को देखकर खौल रहा है. पहलगाम में हुआ ये हमला, आतंक के सरपरस्तों की हताशा को दिखाता है. उनकी कायरता को दिखाता है. ऐसे समय में जब कश्मीर में शांति लौट रही थी, स्कूल-कॉलेजों में एक vibrancy थी, निर्माण कार्यों में अभूतपूर्व गति आई थी, लोकतंत्र मजबूत हो रहा था. पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो रही थी, लोगों की कमाई बढ़ रही थी, युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो रहे थे. देश के दुश्मनों को, जम्मू-कश्मीर के दुश्मनों को ये रास नहीं आया.















