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अमित शाह की नाराजगी के बाद हरकत में आया दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर, अब सभी थानों का होगा ऑडिट, देनी होगी रिपोर्ट

उमाकांत त्रिपाठी।गृह मंत्री अमित शाह के साथ शुक्रवार को हुई मीटिंग के बाद से दिल्ली पुलिस हेडक्वॉर्टर (PHQ) में हलचल तेज हो गई है। दिल्ली की कानून-व्यवस्था को लेकर होम मिनिस्टर की नाराजगी के बाद से महकमे में ऊपर से लेकर नीचे तक ओवरहॉलिंग की चर्चा चरम पर है। शुरुआत थाना लेवल से की जा रही है। दिल्ली के सभी 227 पुलिस स्टेशन के ऑडिट के ऑर्डर हो चुके हैं। स्पेशल सीपी से लेकर अडिशनल डीसीपी तक के अफसर थानों में जाकर इंस्पेक्शन करेंगे। सभी को एक बुकलेट दी गई है, जिसमें दिए बिंदुओं में पुलिस स्टेशन को चेक करना है। इसकी रिपोर्ट 5 दिसंबर तक सौंपने को कहा गया है।

दिल्ली के 15 जिलों को 70 सब-डिविजन में बांटा गया है

पुलिस कमिश्नर के बाद नंबर-2 का ओहदा स्पेशल सीपी रैंक के अफसरों का होता है। इसके बाद जॉइंट सीपी, अडिशनल सीपी, डीसीपी और अडिशनल डीसीपी आते हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि- इन सभी रैंक के अफसरों को दिल्ली के थानों के इंस्पेक्शन की जिम्मेदारी दी गई है। जिलों, बटालियन और अलग-अलग यूनिट्स में तैनात सभी अफसर अलग-अलग सब डिविजन में जाएंगे। एक सब डिविजन में तीन या दो थाने होते हैं। एक अफसर को एक सब डिविजन में जाकर निरीक्षण करने को कहा गया है। लॉ एंड ऑर्डर के लिहाज से दिल्ली के 15 जिलों को 70 सब-डिविजन में बांटा गया है, जिसका प्रमुख एसीपी होता है।

बुकलेट में है हर जानकारी
ऑडिट करने वाले अफसरों को एक बुकलेट सौंपी गई है। इसमें बिंदुवार बताया गया है कि थाने में जाकर क्या-क्या चेक करना है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस दौरान 1 जनवरी 2023 से लेकर 15 नवंबर 2024 का पूरा लेखा-जोखा चेक किया जाएगा। देखा जाएगा कि थाने में कितने केस दर्ज किए गए, उनकी जांच किस तरह की गई और चार्जशीट समय पर फाइल की गई या नहीं। शिकायतों का निस्तारण समय पर किया या नहीं। थाने में शिकायतकर्ता को सुनने का सिस्टम क्या है। आदतन अपराधियों के खिलाफ एक्शन कैसा रहा, कितने घोषित अपराधी बनाए और कितने बदमाशों के खिलाफ मकोका लगाया।

रोको-टोको और नाइट पट्रोलिंग के इंतजाम भी किए जांएगे चेक
स्ट्रीट क्राइम को रोकने के लिए थाने की तरफ से एहतियाती कदम कौन से उठाए गए। पिकेटिंग, रोको-टोको और नाइट पट्रोलिंग के इंतजाम भी चेक किए जाएंगे। थाने में रेकॉर्ड अपडेट है या नहीं समेत लगभग सभी पहलुओं को चेक किया जाएगा। थाने की बिल्डिंग का रख-रखाव तक देखा जाएगा। सभी अफसरों से अपने थाने की रिपोर्ट 5 दिसंबर तक हेडक्वॉर्टर में जमा कराने को कहा गया है। इससे दिल्ली पुलिस में हलचल है। एक अफसर ने बताया कि इतनी जल्दी कुछ बदलने वाला तो नहीं है। फिलहाल जिस थाने के जैसे हालात हैं, वहीं देखने को मिलेंगे। दिल्ली के सभी थानों के हालात एक जैसे ही हैं।

रिपोर्ट के बाद की चर्चा होंगी ज्यादा
सब-डिविजन के एसीपी और थानों के एसएचओ तो ऑडिट की तैयारी में जुट गए हैं। महकमे में असल चर्चा ये है कि जिन थानों की रिपोर्ट अच्छी नहीं होगी, उनका क्या होगा? आखिर अचानक किए जा रहे इस इंस्पेक्शन अभियान के पीछे का मकसद क्या है? क्या यह महकमे में निचले स्तर पर ओवरहॉलिंग करने के लिए पहला कदम है? इसे लेकर डिपार्टमेंट में चर्चा चरम पर है। सूत्रों ने कहा कि- अगर रिपोर्ट 5 दिसंबर तक पहुंचती है तो इसका अध्ययन करने में करीब एक हफ्ता लगेगा। इसके बाद महकमे में व्यापक फेरबदल हो सकता है। दिसंबर के आखिरी हफ्ते में दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है। इसलिए आचार संहिता लगने से पहले ही बदलाव की कोशिश होगी।

 

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