उमाकांत त्रिपाठी।डोनाल्ड ट्रंप के शपथ समारोह में पहुंचे विदेश मंत्री एस. जयशंकर पहली ही कतार में बैठे थे। इसके बाद क्वाड मीटिंग में भी एस. जयशंकर मुख्य भूमिका में नजर आए। इस बीच खबर है कि अमेरिका और भारत के बीच इस साल रिश्तों का नया अध्याय डोनाल्ड ट्रंप की वापसी के साथ ही लिखने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। खबर है कि अमेरिका और भारत के राजनयिक कोशिश कर रहे हैं कि फरवरी में ही डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी की मीटिंग हो जाए। दोनों नेताओं की आखिरी बार 2020 में मीटिंग हुई थी और फिर डोनाल्ड ट्रंप की सत्ता से ही विदाई हो गई थी। अब एक बार फिर से ट्रंप लौटे हैं तो पीएम नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बॉन्डिंग का भारत फायदा उठाना चाहेगा।
पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हो सकती है द्विपक्षीय वार्ता
सूत्रों के मुताबिक, फरवरी में डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है। फ्रांस में 10 और 11 फरवरी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट है। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी पहुंचे रहे हैं और यदि डोनाल्ड ट्रंप भी आते हैं तो दोनों नेताओं की मुलाकात हो जाएगी। यदि ट्रंप यहां नहीं आए तो फिर पीएम मोदी का ही अमेरिका दौरा हो सकता है। यह दौरान फरवरी मध्य में ही किसी तारीख में हो सकता है। यही नहीं चर्चा है कि दोनों नेता किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में भी शामिल हो सकते हैं। बता दें कि नरेंद्र मोदी के 2019 में अमेरिका पहुंचने पर 50000 लोगों की मौजूदगी में हाउडी मोदी का आयोजन हुआ था। इस कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रंप और मोदी साथ पहुंचे थे और ज्यादातर भारतीय मूल के अमेरिकी इसमें आए थे। इसके बाद फरवरी 2020 में डोनाल्ड ट्रंप खुद भारत आए थे।
भारत और अमेरिका के बीच बनेंगे अच्छे संबंध
इसी साल भारत में क्वाड समिट का भी आयोजन होना है। इसमें सभी 4 देशों के राष्ट्राध्यक्ष आएंगे, जिनमें से एक डोनाल्ड ट्रंप भी होंगे। इस तरह यह साल भारत और अमेरिका के अच्छे रिश्तों वाला होगा। फरवरी में ही मोदी और ट्रंप मिलेंगे और फिर क्वाड समिट में भी मीटिंग होगी।आपकों बता दें कि- भारत का सबसे बड़ा कारोबारी साझीदार अमेरिका है।
जानें-पीएम मोदी और ट्रंप की मीटिंग में इन मसलों पर होगी बात
2023-24 में दोनों देशों के बीच 118 अरब डॉलर का कारोबार हुआ था। इसमें भी भारत 32 अरब डॉलर के सरप्लस पर है। ऐसे में अमेरिका के साथ कारोबारी रिश्तों के महत्व को समझा जा सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, चीन, ब्राजील समेत कई देशों का जिक्र करते हुए टैरिफ की बात कही थी। इसके अलावा H-1B वीजा भी दोनें देशों के बीच अहम मसला है। माना जा रहा है कि-पीएम मोदी और ट्रंप की मीटिंग में इन मसलों पर बात होगी।














