उमाकांत त्रिपाठी।उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से हिमाचल को प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (पैक्स), राज्य कार्यक्रम प्रबंधन यूनिट (पीएमयू) और सहकारी प्रबंधन संस्थान (आईसीएम) इत्यादि के कंप्यूटरीकरण के लिए धनराशि आवंटित करने का आग्रह किया। मुकेश ने बताया कि राज्य की ओर से ऊना के पंजावर में सहकारी प्रबंधन संस्थान के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध करवा दी गई है। इसकी स्थापना के लिए 5 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। उन्होंने अनुरोध किया कि इस अत्याधुनिक सहकारी प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए 10 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की जाए।
केंद्रीय मंत्री ने उप मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि- सहकारी योजनाओं और परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से शीघ्र ही धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी। हिमाचल प्रदेश को सहकारी योजनाओं से संबंधित धनराशि के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
647 पैक्स को गो-लाइव कर दिया गया
इस दौरान हिमाचल में सहकारी प्रबंधन संस्थान (आईसीएम) खोलने और प्रायोगिक आधार पर महिला सहकारी हाट खोलने के लिए धनराशि उपलब्ध करवाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। प्रदेश में पैक्स के कंप्यूटरीकरण की दिशा में हुई प्रगति की जानकारी देते हुए अग्निहोत्री ने बताया कि- हिमाचल ने कंप्यूटरीकरण परियोजना में विशेष प्रगति की है। पहले चरण में 870 प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (पैक्स) की पहचान की गईं। इनमें से 647 पैक्स को गो-लाइव कर दिया गया है। इस पर लगभग 18.57 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। जबकि दूसरे चरण के लिए 919 समितियों की पहचान की गई है.
हिमाचल में नशीले पदार्थों के खिलाफ होगी जीरो टॉलरेंस नीति
उपमुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को हिमाचल में चिट्टे के खतरे और इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाई के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार के नियंत्रण के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। ड्रग माफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही हैं।















