उमाकांत त्रिपाठी।यूपी के फतेहपुर में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दुल्हन ने सिर्फ इसलिए बारात लौटा दी, क्योंकि एक बाराती ने उसके पालतू कुत्ते को लात मार दी थी। जबकि दूल्हा-दुल्हन की लव मैरिज थी। दुल्हन एक महीने पहले प्रेमी के साथ घर से भागकर आर्य समाज मंदिर में शादी कर चुकी थी। बाद में दोनों परिवारों ने बातचीत की। तय हुआ कि दोनों की शादी कर दी जाए।
18 फरवरी को शादी तय हुई। लड़की पक्ष प्रयागराज से फतेहपुर पहुंचा। जयमाल के बाद शादी की रस्में चल रही थीं। इसी दौरान मंडप के पास बैठा कुत्ता भौंकने लगा। इस पर एक बाराती ने उसे लात मार दी। दुल्हन ने यह देखा तो वह भड़क गई। देखते-देखते विवाद इतना बढ़ा कि बाराती और घराती आपस में भिड़ गए।
मारपीट में कई लोगों के सिर फट गए। दुल्हन की भी उंगली में फ्रैक्चर हो गया। मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों से समझौते की बात की, लेकिन दुल्हन शादी तोड़ने पर अड़ी रही। दूल्हा फूट-फूटकर रोता रहा, फिर भी दुल्हन नहीं मानी। दोनों दो साल से रिलेशन में थे। कोर्ट मैरिज का रजिस्ट्रेशन भी करा चुके थे। घटना बुधवार रात खागा कोतवाली क्षेत्र के कान्हा गेस्ट हाउस की है।
दुल्हा बोला-दो साल रिलेशन में रहे, भागकर शादी की
लड़का सुमित केसरवानी (25) फतेहपुर के खागा कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला है। खागा सर्राफा बाजार में ही उसकी ज्वेलरी की दुकान है। उसका पूरा परिवार यहीं काम करता है। सुमित ने बताया- दो साल पहले प्रयागराज के कटरा की रहने वाली तनु केसरवानी से उसकी मुलाकात हुई थी। तनु ने बीए किया है। दोनों दो साल से रिलेशनशिप में थे।
दोनों ही शादी करना चाहते थे। मैंने तनु से कहा था- कुछ दिन रुक जाओ, घर में सबको मनाकर शादी करेंगे। लेकिन वह रुकी नहीं। तनु 18 जनवरी को भागकर मेरे घर आ गई। इसके बाद हम दोनों घर से भाग गए। कानपुर में आर्य समाज रीति-रिवाज से शादी कर ली थी। इलाहाबाद में कोर्ट मैरिज के लिए हमने रजिस्ट्रेशन करा लिया। इसके बाद तनु अपने घर लौट गई।
‘घर लौटे तो परिवार को मनाया, फिर शादी की डेट रखी’
दूल्हे ने बताया- हम दोनों ने डिसाइड किया था कि 23 जनवरी को हम इंगेजमेंट करेंगे, लेकिन नहीं हो पाया। इसके बाद 26 जनवरी को तनु फिर भागकर मेरे घर आ गई। इसके बाद हम दोनों के घरवालों से शादी के लिए बात की। 7 फरवरी को तनु के चाचा-चाची घर आए।
दोनों परिवारों ने मिलकर शादी की डेट 18 फरवरी रखी। बुधवार को धूमधाम से दुल्हन पक्ष के लोग बारात लेकर कान्हा गेस्ट हाउस पहुंचे। जयमाल पड़ी, फिर शादी की रस्में शुरू हुईं। सुबह चार बजे मंडप से कुछ दूरी पर बंधा तनु का कुत्ता सिक्सर भौंकने लगा।













