उमााकांत त्रिपाठी।Beti Bachao Beti Padhao Gujarat PM Modi: मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल की मौजूदगी में अहमदाबाद में रविवार को सरदारधाम फेज 2 तथा शकरीबेन डाह्याभाई पटेल कन्या छात्रालय का लोकार्पण दिल्ली से भारत सरकार के गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने वर्चुअल तरीके से किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो संदेश द्वारा मौजूद लोगों को संबोधित करने का काम किया। प्री-रिकॉर्डेड वीडियो संदेश के जरिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि गुजरात ने आधुनिक विकास के साथ सामाजिक चुनौतियां भी पार की हैं। सामाजिक क्षेत्र में अनेक चुनौतियां पार करके गुजरात आगे आया है। पहले बेटियों की शिक्षा में गुजरात पीछे था, परंतु सभी समाजों ने आगे आकर बेटियों की शिक्षा के क्षेत्र में कार्य किया। इसलिए आज स्थिति बदल गई है। 25 वर्ष की यात्रा में सबने साथ मिलकर कार्य किया है। सरदारधाम का नाम जितना पवित्र है, उतना ही उसका काम भी पवित्र है। सरदारधाम फेज 2, कन्या छात्रालय में रहकर बेटियों को उनके अरमान एवं सपने पूरे करने का अवसर मिलेगा। यहां पढ़-लिखकर बेटियां राष्ट्र निर्माण के कार्य में सहभागी होंगी और इन शिक्षित बेटियों का परिवार भी समर्थ बनेगा।
पीएम ने आगे अपनी बात में कहा कि- इस कन्या छात्रालय की आधारशिला रखने का सौभाग्य उन्हें मिला था और आज यह भवन तैयार हो गया है। वडोदरा में भी सरदारधाम का कार्य चल रहा है। सूरत, मेहसाणा के साथ-साथ बाकी राज्यों के कई नगरों में ऐसे सेंटर बनाए जा रहे हैं। सरदारधाम संस्था का कार्य सचमुच सराहनीय है। प्रधानमंत्री ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा,कि- मैं जब गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब कहता, ‘भारत के विकास के लिए गुजरात का विकास जरूरी है।’ गुजरात से जो सिखा, वह काम में आया है। आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, टेक्नोलॉजी; इन सभी क्षेत्रों में गुजरात ने विकास किया है। परिणामस्वरूप गुजरात के कोने-कोने में अभ्यास-शिक्षा की भूख जागी है।
पीएम मोदी ने कहा,कि- गुजरात के माथे पर एक कलंक था भ्रूण हत्या पाप का। बेटियों की गर्भ में ही हत्या करने का पाप। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मेरे कार्यकाल में हमने सूरत से उमियाधाम तक यात्रा की थी, तब ‘बेटा-बेटी एक समान’ नारा गुजरात में गूंजा था।” उन्होंने जोड़ा कि गुजरात नारी शक्ति को पूजने वाला राज्य है। मां उमिया, मां खोडल, अंबाजी, बहुचराजी जैसी नारी शक्ति के हम उपासक हैं। गुजरात में बालिका भ्रूण हत्या का कलंक मिटाने में पाटीदार समाज सहित अनेक समाजों के संगठनों ने आगे आकर सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया, जिसके फलस्वरूप गुजरात में भ्रूण हत्या तो थमी ही, साथ ही साथ गुजरात की बेटियां शिक्षा क्षेत्र में भी बहुत आगे बढ़ी हैं।
पीएम ने कहा कि- जब समाज का भला करने का काम करने को निकलें, तब ईश्वर भी साथ देता है। अब तो गुजरात में बेटियां भिन्न-भिन्न व्यवसाय करने लगी हैं। उनके आवास-भोजन तथा पढ़ने के लिए भव्य हॉस्टल बन गए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि गुजरात के चलते आज देशभर में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ क्षेत्र में काम हो रहा है। ऑपरेशन सिंदूर की प्रेस ब्रीफिंग में भी भारत की बेटियों की आवाज दुनिया ने सुनी थी। लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, बैंक सखी, बीमा सखी जैसे अनेक क्षेत्रों में आज भारतभर में महिला उत्कर्ष का कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में स्किल पर बल दिया गया है। आज दुनिया को स्किल्ड मैनपावर की जरूरत है। विश्व के कई देश जब वृद्ध जनसंख्या की समस्या से पीड़ित हैं, तब भारत के पास दुनिया को देने के लिए कुशल मानवबल है। भारत सरकार भी अधिक से अधिक रोजगार सृजन के लिए कार्यरत है। आज भारत में स्टार्टअप की संख्या लगभग दो लाख हुई है। अब स्किल की प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, हुनर की प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। पुरानी रुढ़ियों से बाहर निकलकर स्थिति को बदलना चाहिए।
पीएम ने कहा,कि- सरकार के प्रत्येक अभियान में सामाजिक संगठनों ने साथ दिया है। पाटीदार समाज ने हमेशा मेरी अपेक्षा पूरी की है। जो अभियान, जो मिशन दिए, वे पूरे किए हैं। ऐसे में मेरी भी अपेक्षा बढ़ी है। हम सभी अब स्वदेशी के आग्रही बनें। पाटीदार वर्ग अब केवल किसान नहीं रहा है, बल्कि विभिन्न व्यवसाय-बिजनेस करने लगा है। ऐसे में स्वदेशी अपनाने की पहल करनी होगी। दुकानदार अपनी दुकान के बाहर ‘यहाँ केवल स्वदेशी वस्तु ही मिलती है’ का बोर्ड लगाएं। आज विश्व की जो अस्थिरता है, उसके समक्ष आप आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वदेशी आंदोलन का नेतृत्व करें। ऑपरेशन सिंदूर के पराक्रम की तरह स्वदेशी वस्तु का उपयोग एवं विक्रय भी देशभक्ति है।
पाटीदार समाज का योगदान
इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि गुजरात और पाटीदार समाज के विकास का ग्राफ एक जैसा है। जो समाज बेटियों को शिक्षित करता है और उन्हें स्वावलंबी बनाता है, वह समाज सबसे पहले विकास और प्रगति करता है। पाटीदार समाज ने बेटियों की शिक्षा के जरिए अनोखा विकास हासिल किया है। उन्होंने कहा कि पाटीदार समाज ने पुरुषार्थ की सबसे ऊंचा उद्योग, व्यापार, सरकारी सेवा, सार्जनिक कार्यों और विदेश गमन जैसे सभी क्षेत्रों में विकास किया है, साथ ही देश के विकास में संपूर्ण योगदान दिया है। पाटीदार समाज के दाता एक बार संकल्प कर लें, तो वे किसी भी बड़े प्रोजेक्ट को पूरा कर सकते हैं और यह कन्या छात्रावास इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।












