उमााकांत त्रिपाठी।गुजरात सरकार ने राज्य में फेस्टिव सीजन का आगाज होने के साथ पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने एक झटके में 74 आईपीएस और 31 एसपीसी का प्रमोशन/तबादला किया है। राज्य में तमाम आईपीएस को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है तो वहीं कुछ ऐसे आईपीएस भी हैं जिन्हें सरकार ने फील्ड पोस्टिंग में बरकरार रखा है। राज्य में फेस्टिव सीजन के बाद तमाम बड़े शहरों में स्थानीय निकाय के चुनाव भी होने हैं। ऐसे में सरकार के सामने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने की बड़ी चुनौती है।
डीजीपी-विकास सहाय
विकास सहाय 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी है। 30 जून को बतौर डीजीपी उनका कार्यकाल पूरा हो गया था लेकिन सरकार ने उनके अच्छे काम को देखते हुए छह महीने का एक्सटेंशन दिया है। एमए हिस्ट्री करने के बाद आईपीएस बने विकास सहाय एक बैलेंस अधिकारी माने जाते हैं। वह मूलरूप से बिहार के रहने वाले हैं। बतौर पुलिस महानिदेशक उनके कंधों पर गुजरात शांति-सुरक्षा रखने का बड़ा जिम्मेदारी है।
अहमदाबाद सीपी-जीएस मलिक
जीएस मलिक (ज्ञानेंद्र सिंह मलिक) 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह वर्तमान में अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर हैं। पूरे राज्य में अहमदाबाद सीपी का कार्यक्षेत्र सबसे बड़ा है। मलिक भरूच और पोरबंदर जैसे जिलों में बतौर एसपी जलवा दिखा चुके हैं। अहमदाबाद पुलिस आयुक्त के तौर उन्होंने चंडोला झील को अतिक्रमण मुक्त पूरे देश भर में सुर्खियां बटोरी थीं। मलिक काफी ज्यादा सक्रिय आईपीएस हैं। वे राउंड द क्लाॅक एक्टिव रहते हैं। वह मूलरूप से हरियाणा के रहने वाले हैं। उन्होंने बीटेक के बाद एलएलबी की डिग्री ली है।












