खबर टीम इंडिया की। हर क्षेत्र की तरह फिटनेस और हेल्थ में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से विकसित हो रहा है। एआई का इस्तेमाल करने वाली फिटनेस एप की संख्या कई गुना बढ़ रही है। कुछ लोग लोकप्रिय एआई चैटबॉट चैटजीपीटी को भी अपने लिए वर्कआउट प्रोग्राम तैयार करने के लिए कह रहे हैं। ज्यादातर एआई फिटनेस एप अकेले में इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। लेकिन, अमेरिका के डलास, टेक्सास में ल्यूमिन फिटनेस नाम का पहला जिम खोला गया है, जहां लोग एआई ट्रेनर के साथ व्यायाम कर सकते हैं। एआई ट्रेनर वर्कआउट के दौरान किए जा रहे हर मूवमेंट पर बोलकर अपना फीडबैक दे सकता है। जिम की दीवारों पर एलईडी स्क्रीन लगी है। इन स्क्रीन के माध्यम से एआई पर्सनल ट्रेनर एक साथ 14 लोगों को ट्रेन कर सकता है।
ऐसे काम करेंगे सेंसर
हर व्यक्ति का अपना एक स्टेशन होता है। स्क्रीन के पीछे लगे सेंसर व्यक्ति के व्यायाम और विशेष रूप से तैयार किए गए उपकरण जैसे डंबल, स्किपिंग रोप को ट्रैक करते हैं। वहीं, वर्कआउट करते समय हेडफोन पर एआई अपना आकलन और निर्देश देता रहता है। ल्यूमिन फिटनेस के सीईओ ब्रैंडन बीन ने बताया,‘जिम में लगे सेंसर हर मेंबर को मॉनिटर कर सकते हैं और उनकी हर मूवमेंट पर फीडबैक दे सकते हैं। हम मानव ट्रेनर की प्रतिभा का विकल्प नहीं खोज रहे हैं। बल्कि, हम उन्हें बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए उपकरण दे रहे हैं। एआई की खास विशेषता इसकी सीखने की क्षमता है। यह अभी परफेक्ट नहीं है, लेकिन समय के साथ एआई फिटनेस और ज्यादा बेहतर हो जाएगी।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
विशेषज्ञों की राय में एआई अच्छे से प्रोग्राम किया जाए, तो यह लोगों की व्यायाम में काफी मदद कर सकता है। हालांकि, स्वास्थ्य और फिटनेस में भावनात्मक बुद्धिमत्ता भी शामिल होती है। एआई इसका विकल्प नहीं हो सकता है।














