उमाकांत त्रिपाठी।शादी के मंडप में सात फेरे लेते वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि दूल्हा और दुल्हन का यह रिश्ता एक ऐसे राज पर टिका है, जो विग के साथ उतर जाएगा. दुल्हन ने जिसे अपना जीवनसाथी चुना, वह सच छिपाकर उसके जीवन में दाखिल हुआ था. ग्रेटर नोएडा से सामने आया यह मामला सिर्फ एक वैवाहिक धोखे की कहानी नहीं है, बल्कि उस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की दास्तान है, जो सच्चाई सामने आने के बाद शुरू हुई.
विग यानी नकली बालों के सहारे रचाई गई यह शादी जब हकीकत से टकराई, तो भरोसा टूटा, रिश्ते बिखरे और आरोपों की परतें खुलती चली गईं. पत्नी का आरोप है कि गंजापन छिपाकर शादी करने वाले पति ने बाद में न सिर्फ उसे प्रताड़ित किया, बल्कि- उसकी निजी तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल कर पैसों की वसूली भी की. विरोध करने पर मारपीट और घर से निकालने तक की नौबत आ गई. अब यह मामला बिसरख कोतवाली पहुंच चुका है, जहां पुलिस ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पीड़िता के अनुसार, उसका विवाह नई दिल्ली के प्रताप बाग निवासी युवक से तय हुआ था. रिश्ता पारिवारिक स्तर पर तय हुआ, बातचीत हुई, मुलाकातें हुईं और युवक हर बार सामान्य और आत्मविश्वासी नजर आया. न तो किसी को शक हुआ और न ही किसी ने यह सोचने की जरूरत समझी कि सामने वाला कोई सच्चाई छिपा सकता है. शादी पूरी रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई. बारात आई, फेरे हुए और विदाई के बाद दुल्हन अपने नए घर पहुंची. उस समय तक सब कुछ सामान्य लग रहा था. पीड़िता का कहना है कि शादी के दौरान भी पति ने विग पहनी हुई थी, जिससे किसी को उसकी असल स्थिति का अंदाजा नहीं हो सका.
सवाल पूछे तो बदला व्यवहार पीड़िता का कहना है कि- जैसे ही उसने धोखे का विरोध किया, पति का व्यवहार पूरी तरह बदल गया. पहले जो व्यक्ति शालीन और समझदार दिखता था, वही व्यक्ति आक्रामक और असंवेदनशील हो गया. धीरे-धीरे सास-ससुर और अन्य परिजन भी पति के पक्ष में खड़े हो गए. आरोप है कि- उसे यह कहकर चुप कराया जाने लगा कि अब शादी हो चुकी है और उसे हर हाल में इस रिश्ते को निभाना होगा. विरोध करने पर ताने, अपमान और धमकियां मिलने लगीं.
15 लाख के गहने छीनने का आरोप
मामले ने उस समय और गंभीर मोड़ ले लिया, जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले ससुराल पक्ष के लोगों ने उससे करीब 15 लाख रुपये के गहने छीन लिए. विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और फिर उसे घर से निकाल दिया गया. पीड़िता के अनुसार, वह उस समय पूरी तरह असहाय हो गई थी. मायके से भी उसे रिश्ते को बचाने की सलाह दी जा रही थी, लेकिन हालात इतने बिगड़ चुके थे कि वहां रहना उसके लिए संभव नहीं था.
पुलिस तक पहुंची पीड़िता
घर से निकाले जाने के बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर बिसरख कोतवाली पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. उसने पूरी आपबीती लिखित तहरीर में दर्ज कराई और न्याय की गुहार लगाई. पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पति समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, धमकी, धोखाधड़ी और वसूली से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. जांच में जुटी पुलिस














