खबर इंडिया की। बदायूं की कोर्ट का ये अनोखा नजारा जिसने भी देखा वो हैरान रह गया… दरअसल कोर्ट परिसर में स्थित शिव मंदिर में दो सहेलियों ने एक दूसरे को वरमाला पहना कर आपस मे शादी कर ली. उन्होंने कहा कि भले ही कानूनी रूप से हमारी शादी ना हो पाए लेकिन हम दोनों अब एक दूसरे की पति-पत्नी के रूप में जिंदगी भर साथ-साथ रहेंगे. उन्होंने कहा कि यह कदम हम मर्दों से नफरत होने के चलते उठा रहे हैं… वहीं, पत्नि बनी युवती ज्योति ने कहा कि भले ही कानूनी रूप से हमारी शादी वैध ना हो लेकिन हम दोनों अब जीवन भर साथ-साथ रहेंगे. पति-पत्नी के रूप में एक दूसरे का सहारा बनेंगे. ज्योति ने आगे कहा कि हम यह कदम पुरुषों से नफरत होने के कारण उठा रहे हैं. हम लोगों को गैरसमुदाय के लड़कों ने धोखा दिया है.
तीन पहले हुई थी मुलाकात
दोनों की मुलाकात करीब तीन महीने पहले कचहरी परिसर में एक वकील के चेंबर में हुई थी… मुलाकात के बाद बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ, दोनों जल्द ही गहरे दोस्त बन गए.. कुछ ही दिनों बाद दोनों ने शादी का फैसला ले लिया.. खबर के मुताबिक, दोनों युवतियां शादीशुदा हैं और पतियों से धोखा मिलने पर रिश्ता टूट गया, जिससे वे मानसिक रूप से टूट गईं… उन्होंने कहा कि पुरुषों ने उनका इस्तेमाल किया और छोड़ दिया.. दोनों का कहना है कि उन्होंने अपनी फैमिली को इस शादी के बारे में बता दिया है .. अगर परिवार साथ देता है तो ठीक, नहीं तो वे दिल्ली में रहकर मेहनत-मजदूरी कर गुजर-बसर करेंगी..
पुरुष समाज से करती हैं नफरत
ज्योति से शादी कर पति बनी आशा ने बताया कि वह पुरुष समाज से नफरत करती है. दो गैर समुदाय के लड़कों ने अपना नाम बदलकर उनसे प्यार का नाटक किया, शादी का वादा किया, आखिर में धोखा दे दिया. कानून ने भी उन दोषियों को कोई सजा नहीं दी. इसलिए अब हम पुरुष से शादी ही नहीं करना चाहते. भले ही कानून हमें शादी करने की इजाजत नहीं देता, लेकिन हमने मंदिर परिसर में शादी कर ली है. दोनों युवतियों का यह भी कहना है कि अगर परिवार वाले उनसे संबंध रखते हैं तो ठीक है वरना वह दोनों एक दूसरे के सहारे पूरा जीवन काट लेंगी. सरकार लव जिहाद पर भले ही कितनी भी सख्त हो मगर उनको धोखा देने वालों को सजा नहीं मिली है.













