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मोदी कैबिनेट की बैठक खत्म, देश की छठी सेमीकंडक्टर इकाई को मिली मंजूरी, इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर

उमाकांत त्रिपाठी। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के जेवर में देश की छठी सेमीकंडक्टर फैक्ट्री बनाने की मंजूरी दी है। यह फैक्ट्री एचसीएल ग्रुप और फॉक्सकॉन कंपनी मिलकर बनाएंगे, और इसमें करीब 3,706 करोड़ का निवेश होगा। यह उत्तर प्रदेश की पहली चिप बनाने वाली फैक्ट्री होगी। इस फैक्ट्री में डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स बनाए जाएंगे, जो मोबाइल, लैपटॉप, कार, पीसी और अन्य डिस्प्ले वाले उपकरणों में इस्तेमाल होते हैं।

सेमीकंडक्टर उद्योग को मिलेगी रफ्तार
ये फैक्ट्री भारत को सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में मजबूत बनाने की योजना का हिस्सा है। इसमें चिप डिजाइन, निर्माण, टेस्टिंग, पैकेजिंग और सप्लाई चेन शामिल हैं। देश में पहले से पांच सेमीकंडक्टर यूनिट्स गुजरात और असम में बन रही हैं। यह छठी यूनिट उत्तर प्रदेश में बनेगी, जिससे पूरे देश में यह उद्योग फैलेगा।

युवाओं को मिलेगा बंपर रोजगार
यह प्रोजेक्ट न केवल नौकरियां देगा, बल्कि भारत के टैलेंट को तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में मदद करेगा। इस फैक्ट्री से हर महीने 20,000 वेफर्स (चिप्स की पतली परतें) बनेंगी, और हर महीने 3.6 करोड़ यूनिट्स बनाने की क्षमता होगी। इससे करीब 2,000 नौकरियां भी मिलेंगी। आपको बता दें कि सेमीकंडक्टर चिप्स आज हर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए जरूरी हैं। इस फैक्ट्री से भारत इस महत्वपूर्ण उद्योग में आत्मनिर्भर बनेगा।

देश को आत्मनिर्भर बनाएगी फैक्ट्री
भारत में लैपटॉप, मोबाइल, सर्वर, मेडिकल उपकरण, रक्षा उपकरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह फैक्ट्री इस मांग को पूरा करने में मदद करेगी। कोविड के दौरान चिप्स की कमी से पता चला कि अपने देश में चिप्स बनाना कितना जरूरी है। यह फैक्ट्री देश को चिप्स के लिए आत्मनिर्भर बनाएगी, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और नई तकनीक को बढ़ावा मिलेगा।

HCL और फॉक्सकॉन मिलकर बनाएंगे फैक्ट्री
एचसीएल को हार्डवेयर बनाने का लंबा अनुभव है, और फॉक्सकॉन इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली दुनिया की बड़ी कंपनी है। यह फैक्ट्री 2027 से चिप्स बनाना शुरू करेगी। यहाँ हर महीने 20,000 वेफर्स (चिप्स की पतली परतें) बनेंगी, और 3.6 करोड़ चिप्स हर महीने तैयार होंगी। ये चिप्स मोबाइल, लैपटॉप, कार, पीसी और अन्य उपकरणों में इस्तेमाल होंगी। देश में पहले से पांच सेमीकंडक्टर यूनिट्स गुजरात और असम में बन रही हैं, और उनमें से एक इस साल शुरू हो सकती है। इस नई फैक्ट्री से भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग और मजबूत होगा।

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