उमाकांत त्रिपाठी। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए बुधवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ एक बड़ी मीटिंग करने वाले हैं। इस बैठक से पहले चीनी विदेश मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय हालात और चीन के विदेश संबंधों पर बात की। वांग यी ने कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूस के कजान में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के दौरान चीन-भारत संबंधों को बेहतर बनाने पर बात की थी। हम आगे भी इस पर काम करेंगे।
मोदी-जिनपिंग के बीच पॉजिटिव बात हुई
वांग यी ने कहा कि चीन प्रमुख देशों पर अधिक विश्वास और कम संदेह कर रहा है। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ संबंधों को लेकर हुई बातचीत में सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष रणनीतिक संचार को बढ़ाने, सीमा क्षेत्रों में शांति और सौहार्द बढ़ाने के साथ ही संबंधों को वापस पटरी पर लाने के लिए काम करने पर सहमत हुए हैं। चीन के विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि चीन बड़े पड़ोसी देशों के साथ सद्भावना और विकास का सही रास्ता खोजने के लिए भारत के साथ है।
मजबूती से काम करेंगे दोनों देश
उन्होंने कहा कि अब किसी भी बंटवारे और टकराव की स्थिति में चीन एकता के लिए मजबूत ताकत के तौर पर काम करेगा। हम दूसरे चीन और मध्य एशिया शिखर सम्मेलन के आयोजन का समर्थन करते हैं। हमने मतभेदों को ठीक से संभाला है। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार आज चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ बैठक करेंगे। देपसांग और देमचोक से सैनिकों के पीछे हटने के बाद दोनों देशों में बातचीत का नया दौर शुरू होने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैन्य गतिरोध मई 2020 में शुरू हुआ था। उसी साल जून में गलवां घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच घातक झड़प हुई थी, जिससे दोनों पड़ोसियों के बीच संबंधों में गंभीर तनाव आ गया था।














