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अगले साल भारत में होगा ब्रिक्स.? पीएम मोदी बोले- हम अध्यक्षता संभालने के लिए तैयार, बताया ये एजेंडा

उमाकांत त्रिपाठी। धानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के रियो-डी-जनेरियो में 6-7 जुलाई को आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ‘पर्यावरण, सीओपी-30 और वैश्विक स्वास्थ्य’ पर आयोजित विशेष सत्र में भारत का दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत अगले साल ब्रिक्स की अध्यक्षता करेगा। इस दौरान “मानवता पहले” के दृष्टिकोण के साथ वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं को केंद्र में रखकर ब्रिक्स को एक नए और अधिक प्रभावशाली मंच के रूप में प्रस्तुत करेगा।

जलवायु परिवर्तन पर रखी बात
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के लिए जलवायु परिवर्तन केवल ऊर्जा से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह जीवन और प्रकृति के बीच संतुलन से जुड़ा एक नैतिक दायित्व है। उन्होंने जलवायु न्याय को भारत की नैतिक जिम्मेदारी बताते हुए जोर दिया कि यह मुद्दा पूरी मानवता के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत पहले ही पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्य समय से पहले हासिल कर चुका है और अब वैश्विक सौर गठबंधन, आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन, ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस, बिग कैट अलायंस, मिशन लाइफ, और “एक पेड़ मां के नाम” जैसी पहलें आगे बढ़ा रहा है।

हम मदद के लिए तैयार- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने विकासशील देशों के लिए सस्ती वित्तीय मदद और तकनीक हस्तांतरण की जरूरत पर बल दिया ताकि वे जलवायु परिवर्तन से प्रभावी तरीके से निपट सकें। उन्होंने ब्रिक्स द्वारा अपनाए गए जलवायु वित्त ढांचे को एक सकारात्मक कदम बताया। स्वास्थ्य सुरक्षा पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” के मंत्र को अपनाया है और कोविड महामारी के समय दुनियाभर के देशों की मदद की। उन्होंने भारत की डिजिटल स्वास्थ्य योजनाओं, आयुष्मान भारत (जो 50 करोड़ से ज्यादा लोगों को कवर करती है), और आयुर्वेद, योग, यूनानी और सिद्ध जैसे पारंपरिक चिकित्सा तंत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का अनुभव अब वैश्विक दक्षिण के साथ साझा करने को तैयार है।

हम अध्यक्षता के लिए तैयार
प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स के वैक्सीन अनुसंधान और विकास केंद्र (2022) और अब जारी “सामाजिक रूप से निर्धारित बीमारियों के उन्मूलन के लिए ब्रिक्स साझेदारी” को ब्रिक्स के सहयोग को और मजबूत करने वाला बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिक्स को क्षमता निर्माण, सहयोग और सतत विकास का माध्यम बनाकर “लचीलेपन और नवाचार” के मंच में बदला जाएगा। ब्रिक्स सम्मेलन के बाद पीएम मोदी ब्रासीलिया पहुंचे, जहां उन्होंने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ भारत-ब्राजील द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि भारत ने जैसे G20 की अध्यक्षता में वैश्विक दक्षिण की आवाज को बुलंद किया, वैसे ही ब्रिक्स की अध्यक्षता में भी भारत “मानवता पहले” के दृष्टिकोण से सभी देशों के साथ मिलकर काम करेगा।

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