उमाकांत त्रिपाठी।रंगभेद को लेकर सोशल मीडिया में वायरल हो रहे कपल्स ने उन लोगों को मुंहतोड़ जवाब दिया है, जो पति-पत्नी को काला-गोरा कहकर कमेंट्स कर रहे थे। मध्यप्रदेश के जबलपुर में रहने वाले ऋषभ राजपूत और सोनाली चौकसे ने 9 साल तक दोस्ती में रहने के बाद 2025 दिसंबर को जब हिंदू रीति-रिवाज से शादी की। कुछ दिनों बाद जब दोनों के वीडियो-फोटो सोशल मीडिया में वायरल हुए तो लोगों ने यह कहना शुरू कर दिया कि लड़का या तो सरकारी नौकरी में होगा या उसके चार-पांच पेट्रोल पंप होगे। ऋषभ-सोनाली ने लोगों के कमेंट्स को अनदेखा करते हुए सबके सामने आए और बताया कि हमारा प्यार रंगभेद को नहीं मानता है।
2014 में हुई थी मुलाकात
ग्वारीघाट में रहने वाले ऋषभ राजपूत के पिता प्राइवेट जाब में तो मां शासकीय स्कूल से रिटायर्ड शिक्षक हैं। वहीं सोनाली चौकसे आदिवासी बाहुल्य इलाका डिंडौरी की रहने वाली है। पिता किसान हैं और मां गृहिणी। 2014 में सोनाली ने हवाबाग कॅालेज में जब फस्ट-ईयर में एडमिशन लिया तो वहां पर उनकी साथ में पढ़ने वाले ऋषभ से मुलाकात हुई। दोनों को दोस्ती कुछ दिनों में ऐसी हो गई कि सोनाली का ऋषभ के घर में आना-जाना होने लगा। लड़के के माता-पिता को लड़की पसंद थी।कालेज लाइफ में ही दोनों ने तय कर लिया था कि जैसे ही दोनों अपने पैरों में खड़े होगें वैसे ही शादी कर लेंगे। कलेज लाइफ खत्म होने के बाद दोनों ने जाॅब तलाश करना शुरू कर दिया। 2020 में हैदराबाद की मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी लग गई।
इंटरकास्ट परिवार है हमारा
ऋषभ राजपूत ने एक निजी चैनल से बात करते हुए कहा कि- हम राजपूत थे, सोनाली चौकसे है। हमारी इंटरकास्ट मैरिज हो रही थी। बाहर के लोग हमारी शादी के लेकर क्या कहेंगे, इससे हमे कोई मतलब नहीं था। शुरू में सोनाली के पिता ने जरूर अपत्ति जताई थी, पर बाद में वह भी मान गए थे। उन्होंने बताया कि हर माता-पिता यही चाहते हैं कि बच्चे खुश रहे। सोनाली घर पर हमेशा आती रहती थी, तो मां को वह पसंद थी।ऋषभ ने बताया कि- अभी हम हैदराबाद में जाॅब कर रहे हैं। उनका कहना था कि कुछ लोग जरूर हमारे वीडियो को सोशल मीडिया में देखने के बाद काला-गोरा का कमेंट्स कर रहे थे, पर उनकी सोच में हमेशा तरस आता था।
परिवार को मानने में थोड़ा परेशानी हुई
सोनाली ने बताया कि- जब मैंने ऋषभ को पिता से मिलवाया तो, उसे देखकर वो थोड़ा नाराज हुए, क्योंकि- इंटरकास्ट मैरिज थी। उन्हें बताया कि- लड़के को 2014 से जानती हूं। पढ़ाई में तेज है, अच्छी जगह जाॅब करता है। खुश रखेगा। जिसके बाद माता-पिता तैयार हो गए। हालांकिृ- विवाह के बीच एक चुनौती यह भी कि रिश्तेदार और गांव के लोग क्या कहेंगे, पर उनकी हर बात को दरकिनार करते हुए हमने आखिरकार 4 दिसंबर को शादी कर ली।














