उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद भाषण दिया। प्रधानमंत्री ने कहा- 75वां गणतंत्र दिवस, संसद का नया भवन, सेंगोल की अगुआई। ये सारा दृश्य अपने आप में बहुत ही प्रभावी था। प्रधानमंत्री ने विपक्ष को लेकर कहा- मैंने जब यहां से देखा, तो वाकई इस नए सदन में राष्ट्रपति जी की अगवानी का दृश्य सुखद था। 60 से ज्यादा सदस्य ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर विचार व्यक्त किए। मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं। विशेष रूप से विपक्ष ने जो संकल्प लिया है। उसकी सराहना करता हूं।
विपक्ष पर कसा तंज
PM ने कहा- विपक्ष की एक-एक बात से मेरा और देश का विश्वास पक्का हो गया है। मैंने लंबे समय तक वहां नहीं रहने का संकल्प लिया है। विपक्ष कई दशक तक जैसे यहां (सत्ता) बैठे थे, वैसे कई दशक तक वहां (विपक्ष) बैठने का संकल्प लिया है। जिस पर आप मेहनत कर रहे हैं, ईश्वर रूपी जनता आपको जरूर आशीर्वाद देगी। आप अगले चुनाव में दर्शक दीर्घा में दिखेंगे। मैं देख रहा हूं आप में से बहुत लोग चुनाव लड़ने का हौसला भी खो दिए हैं। मैंने सुना है सीट बदलने की तैयारी में है। बहुत से लोग लोकसभा की जगह राज्यसभा में जाने वाले हैं।
पीएम ने पेश किया विकास का मॉडल
राष्ट्रपति का भाषण एक प्रकार से तथ्यों के आधार पर, हकीकत के आधार पर एक बहुत बड़ा दस्तावेज है। जो देश के सामने राष्ट्रपति जी लाती हैं। इस पूरे दस्तावेज को आप देखेंगे तो उस हकीकत को समेटने का प्रयास किया है, जिससे देश स्पीड से प्रगति कर रहा है। किस तेजी के साथ गतिविधियों का विस्तार हो रहा है, उसका लेखा जोखा राष्ट्रपति जी ने दिया। राष्ट्रपति ने चार मजबूत स्तंभों का उल्लेख किया है। नारी शक्ति, युवा शक्ति, गरीब और किसान, मछुआरे और पशुपालक। इनके सशक्तीकरण से देश विकसित भारत बनेगा। अधीर रंजन ने कहा- माइनॉरिटी कहां है तो मोदी बोले- आपके यहां नारी, युवा, गरीब, किसान और मछुआरे शायद माइनॉरिटी नहीं होती क्या? कब तक देश को टुकड़ों में देखोगे।













