उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार को पहली बार अफ्रिकी देश नाइजीरिया के लिए रवाना होंगे।
वह राष्ट्रपति अहमद टिनूबू के न्योते पर अफ्रिकी देश जा रहे हैं। यह 17 साल बाद किसी भारतीय पीएम द्वारा यह पहली बार होगा जब वह नाईजीरिया के दौरे पर जाएंगे।
भारत-नाइजीरिया के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर होगी चर्चा
बता दें,कि- इससे पहले 2007 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह नाइजीरिया के दौरे पर गए थे। वहां पीएम मोदी रविवार को राष्ट्रपति टिनूबू से मुलाकात करेंगे।
मुलाकात में दोनों देशों के द्वीपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। इसके बाद प्रधानमंत्री अबुजा में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे।
नाइजीरिया करता है भारत के ऊर्जा जरुरतों को पूरा
नाइजीरिया, अफ्रिका में तेल और गैस के विशाल भंडार की वजह से खास स्थान रखता है। साथ हीं, यह भारत के ऊर्जा जरुरतों को भी पूरा करता है।
नाइजीरिया इस्लाामिक देशों के संगठन (OIC) और तेल उत्पादक देशों (OPEC) के संगठन की भी हिस्सा है। ये दोनों संगठन भारत की कूटनीति और आर्थिक नीति के लिए अहम हैं।
ऊर्जा जरुरतों के लिए पीएम मोदी का यह दौरा होगा बेहद अहम
भारत के ऊर्जा जरुरतों के लिए पीएम मोदी का यह दौरा बेहद अहम रहने वाला है। क्योंकि अफ्रिका में भारत का सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर नाइजीरिया ही है।
इसके अलावा अगर दोनों देशों के व्यापार की बात करें तो 2020-21 में दोनों के बीच 74,387 करोड़ रुपये, 2021-22 में 1,26,233 करोड़ रुपये, और 2023-24 में अबतक 99,629 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ है।
जानिए-दोनों देशों के बीच व्यापार का संबंध
1.भारत, नाइजीरिया को दवाइयां और बाइक निर्यात करता है।
2.नाइजीरिया, भारत को तेल, गैस और उर्वरक देता है।
3.चीन और नीदरलैंड के बाद नाइजीरिया, भारत का सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर है।
4.भारती एयरटेल नाइजीरिया में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल ऑपरेटर है।
5.भारत की लगभग 150 कंपनियां नाइजीरिया में काम कर रही है, जिनका 27 अरब डॉलर का निवेश है।
6.नाइजीरिया में कई सिंधी और गुजराती परिवार बसे हुए हैं।














