उमाकांत त्रिपाठी।रूस की राजधानी मॉस्को में क्रोकस सिटी हॉल पर हुए आतंकी हमले में मरने वाले लोगों की संख्या 60 हो गई है। आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। 140 से ज्यादा लोग घायल हैं।
हमला शुक्रवार रात (22 मार्च) को हुआ। इसकी जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (IS) ने ली है। सेना जैसी वर्दी पहने 5 आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं, बम फेंके और फरार हो गए।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा- हम मॉस्को में हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हैं। हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। दुख की इस घड़ी में भारत, रूस की सरकार और लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है।
आतंकी संगठन IS बोला
आतंकी संगठन IS ने आमाक के जरिए दिया बयान जारी किया। कहा इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों ने रूस की राजधानी मॉस्को के बाहरी इलाके क्रास्नोगोर्स्क शहर में ईसाइयों की एक बड़ी सभा पर हमला किया, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए और घायल हो गए और उनके सुरक्षित रूप से अपने ठिकानों पर लौटने से पहले उस जगह पर भारी तबाही हुई। हमला करने के बाद हमारे लड़ाके मौके से भाग निकले।
IS ने क्यों किया रूस में हमला
BBC ने लाअपनी रिपोर्ट में एक्सपर्ट्स के हवाले से लिखा- हमला ISIS की खुरासान विंग यानी ISIS-K ने किया। ISIS-K का नाम उत्तरपूर्वी ईरान, दक्षिणी तुर्कमेनिस्तान और उत्तरी अफगानिस्तान में आने वाले क्षेत्र के नाम पर रखा गया है।
रूस को हुआ यूक्रेन पर शक
रूस के हमले में यूक्रेन का हाथ होने का दावा किया। इस पर यूक्रेन ने बयान जारी करते हुए कहा, ”हम इस तरह के आरोपों को यूक्रेन विरोधी उन्माद को बढ़ावा देने के रूप में मानते हैं।अंतरराष्ट्रीय समुदाय में यूक्रेन को बदनाम करने का तरीका है। हमारे देश के खिलाफ रूसी नागरिकों को लामबंद किया जा रहा है।”
अमेरिकी दूतावास ने दी थी हमले की चेतावनी
7 मार्च को रूस में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने किसी बड़े हमले की चेतावनी दी थी। दूतावास ने कहा था कि चरमपंथी मॉस्को में म्यूजिक कॉन्सर्ट में हमला करने की साजिश रच रहे हैं। दूतावास ने एडवाइजरी जारी करते हुए रूस में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से अगले 48 घंटे तक किसी भी बड़ी सभा में नहीं जाने को कहा है।
वहीं, पुतिन ने अमेरिकी दूतावास के हमले की चेतावनी दिए जाने की निंदा की थी। फिलहाल व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन किर्बी ने कहा कि फिलहाल ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते हैं। हमले की तस्वीरें बहुत भयानक हैं।














