उमाकांत त्रिपाठी। महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन NDA के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे। रविवार को हुई भाजपा संसदीय दल की बैठक में उनके नाम पर सहमति बनी। नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राधाकृष्णन के नाम का ऐलान किया।
दरअसल, जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की रात अचानक उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया था। 74 साल के धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था।
21 अगस्त को होगा नामंकन
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेता मौजूद थे। राधाकृष्णन 21 अगस्त को नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान NDA शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 9 सितंबर को वोटिंग होगी। उसी दिन काउंटिंग भी होगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त है। 25 अगस्त तक उम्मीदवारी वापस ली जा सकती है।
कौन हैं सीपी राधाकृष्णन?
सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु से आते हैं और दो बार कोयंबटूर से सांसद रह चुके हैं।
वे भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष भी रहे हैं।
संगठनात्मक कामकाज और साफ-सुथरी छवि के कारण उन्हें पार्टी में खास पहचान मिली है।
पिछले साल उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।
सीपी राधाकृष्णन उल्लेखनीय काम
बीजेपी तमिलनाडु अध्यक्ष रहते हुए 2004–2007 के दौरान उन्होंने 93 दिन की रथ यात्रा निकाली, जिसका उद्देश्य नदियों को आपस में जोड़ना, आतंकवाद के खिलाफ जागरूकता और अस्पृश्यता उन्मूलन था. संसद में वे वस्त्र उद्योग पर स्थायी समिति के अध्यक्ष भी रहे. साथ ही कई वित्तीय और सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़ी समितियों में सक्रिय भूमिका निभाई. उन्होंने वीओ चिदंबरम कॉलेज, कोयम्बटूर से BBA की डिग्री प्राप्त की.
जेपी नड्डा ने क्या कहा.?
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा— “सीपी राधाकृष्णन जी का जीवन समाज सेवा, संगठन और जनहित के लिए समर्पित रहा है। हमें विश्वास है कि वे देश के उपराष्ट्रपति पद को गरिमा और जिम्मेदारी के साथ निभाएंगे।














