उमाकांत त्रिपाठी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी माहौल तेजी से गर्म हो रहा है। पूर्वी बर्धमान में आयोजित एक विशाल जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी अभियान को नई धार दी। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार पर तीखा हमला करते हुए इसे ‘भय और कुशासन’ की राजनीति बताया और जनता से बदलाव की अपील की।
पीएम ने बर्धमान को कभी ‘धान का कटोरा’ बताकर कहा कि आज यह इलाका अपनी पहचान खो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के शासन में माफिया राज और भ्रष्टाचार ने विकास को पीछे धकेल दिया है। मोदी ने बंगाली में ‘पलटानो दरकार’ का नारा देते हुए लोगों का उत्साह बढ़ाया।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने भाजपा के घोषणापत्र का जिक्र करते हुए कई बड़े वादे भी किए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में ‘आयुष्मान भारत योजना’ को लागू किया जाएगा। साथ ही, सरकारी कर्मचारियों के लिए 7वें वेतन आयोग का लाभ सुनिश्चित करने का भरोसा दिया गया।
युवाओं को साधने के लिए पीएम मोदी ने रोजगार और उद्योगों को लेकर बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि जो युवा सरकारी नौकरी की उम्र पार कर चुके हैं, उनके लिए भी विशेष प्रावधान किए जाएंगे। इसके अलावा जूट उद्योग को पुनर्जीवित करने और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने का वादा किया गया।
भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी पीएम ने सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनते ही घोटालों और दंगों पर ‘व्हाइट पेपर’ जारी किया जाएगा और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच आयोग बनाया जाएगा।
सीएए और मतुआ समुदाय को लेकर भी पीएम ने स्पष्ट संदेश दिया कि शरणार्थियों को पूरा अधिकार मिलेगा। वहीं महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ‘नारी शक्ति’ को बदलाव का केंद्र बताया गया।
बंगाल में लगातार रैलियों के जरिए पीएम मोदी चुनावी मैदान में पूरी ताकत झोंक चुके हैं। अब सबकी नजर 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान और 4 मई के नतीजों पर टिकी है, जो तय करेंगे कि ‘भरोसे’ की राजनीति ‘भय’ पर भारी पड़ती है या नहीं।














