उमाकांत त्रिपाठी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खुफिया एजेंसी IB ने मोहन भागवत को लेकर खतरे की आशंका जताई थी। इसके बाद गृह मंत्रालय ने उनकी सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया है। पहले उन्हें Z+ सुरक्षा मिलती थी। अब उन्हें ASL (एडवांस सिक्योरिटी लाइजन) सुरक्षा मिलेगी…
आपको बता दें की ASL का सुरक्षा घेरा Z+ से भी ज्यादा मजबूत होता है। पहली बार किसी RSS पदाधिकारी या उससे जुड़े व्यक्ति को इस तरह की सुरक्षा दी जा रही है।
मिलेगी पीएम मोदी वाली सुरक्षा
मोहन भागवत का सुरक्षा घेरा अब और मजबूत होगा। ASL पॉटोकॉल के बाद अब मोहन भागवत को पीएम मोदी वाली सुरक्षा मिलेगी।अब वो विशेष तौर पर तैयार किए गए हेलिकॉप्टर से ही यात्रा करेंगे और उनके दौरे से पहले उस जगह की समीक्षा होगी और रिहर्सल भी किया जाएगा। नए प्रोटोकॉल की तहत मोहन भागवत की सुरक्षा में जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग सहित स्थानीय एजेंसियां तैनात रहेगी। नई सिक्योरिटी के बाद CISF की टीम उस स्थान पर पहले से ही मौजूद रहेगी जहां मोहन भागवत को दौरा होगा। उनके ग्रीन सिग्नल के बाद ही मोहन भागवत उस जगह पर जाएंगे।
क्या होती है एएसएल सिक्योरिटी
एएसएल सिक्योरिटी (ASL Security) एक ऐसा सुरक्षा स्तर है जो अत्यंत महत्वपूर्ण व्यक्तियों को दिया किया जाता है। यह एक उच्च स्तर की सुरक्षा है जो आम तौर पर राजनेताओं, उद्योगपतियों, और अन्य प्रमुख हस्तियों को दी जाती है। इसमें व्यक्तिगत सुरक्षा गार्ड, बुलेटप्रूफ कारें, सुरक्षित घर, और लगातार निगरानी जैसी सुविधाएं शामिल होती हैं। ASL सुरक्षा में शामिल सुरक्षा एजेंसियां लगातार संभावित खतरों का आकलन करती रहती हैं और सुरक्षा व्यवस्था को उसके अनुसार समायोजित करती हैं। ASL सुरक्षा में अत्याधुनिक तकनीक जैसे कि सीसीटीवी कैमरे, सेंसर, और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग किया जाता है। ASL सुरक्षा में शामिल सुरक्षा अधिकारी विशेष रूप से प्रशिक्षित होते हैं और वे विभिन्न प्रकार के खतरों से निपटने में सक्षम होते हैं।














