उमाकांत त्रिपाठी।लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार हो गया। नए मंत्रियों में सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर, भाजपा एमएलसी दारा सिंह चौहान, साहिबाबाद से भाजपा विधायक सुनील शर्मा और रालोद के दलित चेहरे अनिल कुमार हैं।राजभर और दारा सिंह चौहान पूर्वांचल और अनिल कुमार और सुनील शर्मा पश्चिम यूपी से आते हैं। इन 4 को मंत्री बनाकर राज्य के पूर्वांचल और पश्चिमी हिस्से की करीब 15 लोकसभा सीटों को भाजपा ने साधने की कोशिश की है।
राजभर पार्टी के है 6 विधायक
राजभर की अपनी जाति पर अच्छी पकड़ है। राजभर की पार्टी के 6 विधायक हैं। वहीं, दारा सिंह ओबीसी से आते हैं। पूर्वांचल की सीटें-गाजीपुर, मऊ, बलिया, अंबेडकरनगर, घोसी, देवरिया, जौनपुर, गोरखपुर, महाराजगंज में इन जातियों का 40 से 90 हजार तक का वोट बैंक है।वहीं, पश्चिम यूपी में ब्राह्मण चेहरे सुनील शर्मा को योगी कैबिनेट में जगह दी है। इससे गाजियाबाद, साहिबाबाद, मथुरा समेत कई सीटों पर असर पड़ेगा। इसके अलावा, रालोद के अनिल कुमार एससी वर्ग से आते हैं। पश्चिम यूपी के दलित वर्ग में इनकी अच्छी पकड़ है।योगी कैबिनेट में कुल 52 मंत्री थे। अब यह संख्या बढ़कर 56 हो गई। सरकार में 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में अभी भी 4 मंत्रियों की जगह खाली है। नए मंत्रियों के बाद योगी सरकार में अब 22 कैबिनेट मंत्री, 14 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 20 राज्यमंत्री हैं।योगी सरकार में अब सामान्य वर्ग के 24, OBC वर्ग के 22 और SC-ST वर्ग के मंत्रियों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। 25 मार्च 2022 को योगी सरकार 2.0 का शपथ ग्रहण हुआ था।
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल पहुंचीं लखनऊ
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल लखनऊ पहुंच गई हैं। वो आगरा-मथुरा के दौरे पर थीं। थोड़ी देर में राजभवन पहुंचेंगी। इसके बाद शाम 5 चार नए मंत्रियों शपथ दिलाएंगी।
बीजेपी में शामिल हुए दारा सिंह
सपा छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए दारा सिंह चौहान को कैबिनेट में जगह मिल रही है। दारा सिंह भले ही घोसी उपचुनाव में कोई खास कमाल नहीं कर पाए हों, लेकिन माना जाता है कि लोनिया समाज में उनकी अच्छी पकड़ है। पूर्वांचल की घोसी लोकसभा सीट पर इस समाज का खासा प्रभाव है।
दारा सिंह चौहान ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बसपा से की थी। लोगों के बीच पकड़ के कारण वह पार्टी का एक महत्वपूर्ण चेहरा बन गए। 2015 में दारा सिंह बीजेपी में शामिल हो गए। 2022 को बीजेपी से इस्तीफा दे दिया। वह सपा में शामिल हो गए। लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर दारा सिंह बीजेपी में लौट आए हैं।














