उमाकांत त्रिपाठी।महाराष्ट्र के जालना में शुक्रवार को एक 13 साल की स्कूल स्टूडेंट ने अपने ही स्कूल की बिल्डिंग की छत से कूदकर जान दे दी। घटना सुबह 7.30 से 8 बजे के बीच हुई। इसके बाद स्टूडेंट्स, स्टाफ और आस-पास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। मृतक छात्रा का नाम आरोही दीपक बिडलान है। वह 7वीं क्लास में पढ़ती थी।
आरोही रोज की तरह सुबह स्कूल पहुंची थी, लेकिन कुछ ही देर में स्कूल की तरफ से उसके पिता दीपक बिडलान को फोन पहुंचा कि उनकी बेटी ने तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली है।परिजन तुरंत स्कूल पहुंचे और घायल अवस्था में आरोही को पहले एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। बाद में सरकारी हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
आरोही के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी टीचर्स की तरफ से किए जा रहे मानसिक उत्पीड़न से परेशान थी। वह ऐसा कदम उठा लेगी ऐसा कभी नहीं सोचा था।इस घटना से ठीक पहले दिल्ली में 16 साल के लड़का मेट्रो स्टेशन से कूद गया। जबकि मध्य प्रदेश के रीवा में 11वीं की छात्रा ने घर पर फांसी लगाकर जान दे दी।
पुलिस ने स्कूल अधिकारियों, क्लासमेट्स और परिवार वालों से बात करना शुरू कर दिया है ताकि यह समझा जा सके कि घटना किन हालातों में हुई होगी। स्कूल कैंपस से CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है ताकि घटनाओं का क्रम पता चल सके। अधिकारियों ने कहा कि अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
बच्चों के सुसाइड की 3 घटनाएं…
रीवा में निजी स्कूल की 11वीं कक्षा की छात्रा ने फंदा लगा खुदकुशी कर ली। एएसपी आरती सिंह ने बताया कि घटना 16 नवंबर की है। पुलिस को गुरुवार को उसकी कॉपी में एक नोट मिला। इसमें लिखा है कि शिक्षक मारते वक्त हाथ पकड़ लेता था। मुट्ठी बंद कर उसे खोलने को कहता था। कभी सजा के बहाने अंगुलियों में पेन डालकर दबाता। परिवार का आरोप है कि छात्रा घर पर सामान्य थी, उसे स्कूल में प्रताड़ित किया गया।















