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सावन में हरे रंग का होता है विशेष महत्व, जानिए क्यों स्त्रियां धारण करती हैं हरे रंग के वस्त्र और चूड़ियां

इस साल सावन का महीना 14 जुलाई से शुरु हो चुका है। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। शिव भक्तों के लिए सावन का महीना बेहद खास होता है। इस साल सावन के महीने में चार सोमवार पड़ रहे हैं। पहला सोमवार 18 जुलाई को है वहीं दूसरा सोमवार 25 जुलाई को है। सावन में सोमवार व्रत का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि सावन के महीने में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने से हर मनोकामनाएं पूरी होती है। वहीं सावन में व्रत रखने पर भगवान शिव की कृपा भक्त पर विशेष रूप से होती है। सावन के महीने में हरे रंग का भी बहुत महत्व होता है। सावन में महिलाओं को हरे रंग की चूड़ियां पहनते देखा होगा। सावन में लोग हरे रंग के कपड़े ज्यादा पहनते हैं। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार इस महीने हरे रंग का उपयोग करने और पहनने से भाग्य पर इसका असर पड़ता है। आइए जानते हैं कि सावन के महीने में हरे रंग का क्या महत्व होता है।

हरा रंग सौभाग्य का रंग माना जाता है। सावन के आते ही चारो तरफ हरियाली छा जाती है। सावन में सुहागिन महिलाएं हरे रंग के वस्त्र और चूड़ियां पहनती हैं। हरा रंग प्रेम, प्रसन्नता और खुशी की प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से महिलाएं सावन के महीने में हरे रंग का सिंगार करके भगवान और प्रकृति को धन्यवाद देती हैं। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार भगवान शिव को भी हरा रंग प्रिय होता है। इसी कारण से सावन के महीने में हरा रंग पहनना शुभ माना जाता है।

शास्त्रों के मुताबिक प्रकृति को ईश्वर का स्वरूप माना जाता है। इसी कारण से इस पूरे महीने हरा रंग पहनने वालों पर प्रकृति की विशेष कृपा होती है। हरा रंग बुध ग्रह का भी प्रतीक माना जाता है। वहीं भगवान शिव का प्रकृति से विशेष जुड़ाव है। भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए हरे रंग के वस्त्र पहनते हैं। साथ ही सावन के महीने में हरे रंग की चूड़ियां पहनने वाली महिलाओं पर भगवान विष्णु का आशीर्वाद भी बना रहता है।

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