उमाकांत त्रिपाठी। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ओडिशा के संबलपुर में ‘नए भारत के लिए नई शिक्षा’ अभियान का बुधवार को शुभारंभ किया। इस मौके पर ओडिशा के राज्यपाल रघुवर दास और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति के गृह राज्य ओडिशा में ये कार्यक्रम ब्रह्माकुमारीज द्वारा आयोजित किया गया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि- कहा कि नैतिक शिक्षा जीवन निर्माण में मदद करती है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाती है। इस अभियान की परिकल्पना मूल्यों को विकसित करने और छात्रों की चेतना के उत्थान के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि समाज निर्माण में शिक्षा ने सदैव महत्वपूर्ण एवं परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है।

शिक्षा ने समाज में निभाई है महत्वपूर्ण भूमिका
इसके शुभारंभ के मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा ने हमेशा समाज निर्माण में महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है। उन्होंने आगे कहा कि सेवा, समानता और सहानुभूति जैसे नैतिक और मानवीय मूल्य हमारी संस्कृति की नींव हैं और युवाओं को इन महान आदर्शों के बारे में पता होना चाहिए, ताकि बेहतर समाज का निर्माण किया जा सके। शिक्षा के माध्यम से बच्चों के मन में इन मूल्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा किया जाना चाहिये।

तीन दिन के ओडिशा दौरे पर हैं राष्ट्रपति
आपको बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन दिवसीय ओडिशा दौरे पर हैं। पहले दिन उन्होंने बादामपहाड़ रेलवे स्टेशन का दौरा किया और तीन नई ट्रेनों (बादामपहाड़-टाटानगर मेमू; बादामपहाड़-राउरकेला साप्ताहिक एक्सप्रेस; और बादामपहाड़-शालीमार साप्ताहिक एक्सप्रेस) को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति वीर सुरेंद्र साई प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बुर्ला के 15वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में भाग लिया। अपने दौरे के तीसरे दिन यानी 22 नवंबर को राष्ट्रपति ने संबलपुर में ब्रह्माकुमारीज द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा अभियान – नए भारत के लिए नई शिक्षा का शुभारंभ किया। आज ही राष्ट्रपति आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी का दौरा करेंगी जहां वह श्री सत्य साईं इंस्टीट्यूट ऑफ हायर लर्निंग के 42वें दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी।














