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प्रधानमंत्री मोदी अपने जन्मदिन पर नामीबिया से लाए 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ेंगे, युद्धस्तर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपने जन्मदिन पर नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ेंगे।

इसके मद्देनजर कूनो नेशनल पार्क में युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। इसी क्रम में रविवार को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने कूनो नेशनल पार्क में चल रही तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने उस फेंसिंग बाढ़ को भी देखा जहां पर नामीबिया से आये चीतों को 30 दिन के लिए क्वारंटीन में रखा जाएगा। साथ ही यादव ने अधिकारियों से तैयारियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को समुचित दिशा निर्देश भी दिए।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री के साथ केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कूनो नेशनल पार्क में तैयारियों का जायजा लिया। इस अवसर पर सी पी गोयल, महानिदेशक वन एवं स्पेशल सेक्रेटरी, डॉक्टर एसपी यादव, अपर महानिदेशक, एनटीसीए और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने फ्रंटलाइन स्टाफ, चीता मित्र, वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के यंग वैज्ञानिकों और सैकड़ों विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।

उन्होंने कहा कि चीतों की वापसी एक ऐतिहासिक कदम है। इससे पर्यावरण संतुलन को कायम रखने में आसानी तो होगी ही साथ ही स्थानीय लोगों में खुशहाली का संचार होगा। प्राकृतिक संपदाओं से भरपूर कूनो नेशनल पार्क के बीच से बहने वाली कूनो नदी इसे न केवल और भी अधिक खूबसूरत बना देती है, बल्कि इसके सपाट और चौड़े तटों पर खिली हुई धूप में अठखेलियां करते मगरमच्छ यहां आने वाले लोगों को रोमांचित कर देते है।

कूनो नेशनल पार्क में विभिन्न प्रकार के 174 पक्षियों की प्रजातियां मौजूद है, वहीं सैंकड़ों प्रजातियां वन्य जीवों की हैं। पक्षियों की 12 प्रजातियां तो दुलर्भ श्रेणी में मानी गई हैं।

केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय के निर्देश पर वर्ष 2010 में भारतीय वन्य जीव संस्थान (वाईल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट) ने भारत में चीता पुनर्स्थापना के लिए संभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया, जिसमें 10 स्थलों के सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश के कूनो पालपुर अभ्यारण्य जो वर्तमान में कूनो राष्ट्रीय उद्यान है, सर्वाधिक उपयुक्त पाया गया।

कूनो के राष्ट्रीय उद्यान के 750 वर्ग किलोमीटर में लगभग दो दर्जन चीतों के रहवास के लिए उपयुक्त है। इसके अतिरिक्त करीब 3 हजार वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र दो जिलों श्योपुर और शिवपुरी में चीतों के स्वंच्छद वितरण के लिए उपयुक्त हैं।

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