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पीएम मोदी से मिलेगी सांसद राजकुमार: भील प्रदेश समेत रखी ये मांग, जानें क्या हुई बात?

उमाकांत त्रिपाठी।बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान उन्होंने भील प्रदेश बनाने की मांग की. साथ ही उन्होंने बांसवाड़ा जिले में प्रस्तावित टाइगर प्रोजेक्ट रोकने की मांग भी की है. बीस मिनट की मुलाकात में सांसद रोत ने प्रधानमंत्री से कई मांगो पर चर्चा की. उन्होंने प्रधानमंत्री को 17 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा. खासतौर, पर आदिवासियों को मिले विशेष संवैधानिक अधिकारों को सही से लागू कराने, डूंगरपुर बांसवाड़ा में पेयजल, सिंचाई के साथ साथ शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी मांगे प्रमुख थीं.

पीएम मोदी से यह मुलाकात सकारात्मक रही-सांसद राजकुमार
सांसद राजकुमार रोत ने बताया कि- प्रधानमंत्री से यह मुलाकात सकारात्मक रही है, उन्होंने सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है. आपकों बता दें कि- भारत आदिवासी पार्टी दक्षिणी राजस्थान में तेजी से बढ़ रही है. पार्टी गुजरात, मध्यप्रदेश में भी अपना प्रभाव जमाने की कोशिश में है.

सांसद रोत ने प्रधानमंत्री के सामने रखी यह मांगें
1966 में माही-कड़ाना बांध बनाने के वक्त हुए गुजरात-राजस्थान के समझौते की शर्तों को पूरा कर डूंगरपुर-बांसवाड़ा के लिए पेयजल व सिंचाई परियोजना की मांग. गुजरात,राजस्थान, मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र के कुछ हिस्से को मिलाकर भील प्रदेश बनाने की मांग.

⁠बजट सत्र 2022 में चौरासी विधान सभा क्षेत्र के लिये 886 करोड़ की स्वीकृत कडाना से गैंजी घाटा तक पेयजल परियोजना का वर्क ऑर्डर जारी करने की मांग.

हाल ही जंगली जानवरों से हुई मौतों व आदिवासियों के विस्थापन को देखते हुए पूरे देश में प्रस्तावित ट्राइगर प्रोजेक्ट को रोकने संबंधी मांग.

बांसवाडा ज़िले में प्रस्तावित परमाणु बिजली घर के दूरगामी दुष्परिणाम को देखते हुये, अवाप्त भूमि को अन्य कोई प्रोजेक्ट लगाकर परमाणु बिजली घर पर रोक लगाने!

⁠गुजरात में काम करने वाले मजदूरों के बच्चों के लिये शिक्षण व्यवस्था हेतु प्रवासी शिक्षा केंद्र खोलने की मांग.

संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस का पूरे देश में राजकीय अवकाश घोषित किया जाने की मांग.

गुजरात में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों के इलाज के लिये प्रवासी मजदूर चिकित्सा योजना लागू कराने की मांग.

डूंगरपुर में एक अतिरिक्त नवीन नवोदय विद्यालय खोलने की मांग.

अनुसूचित क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट के समता जजमेंट 1997 के आदेश का अनुपालन करते हुए स्थानीय जनजातियों के लिए कॉपरेटिव सोसाइटीज बनाकर खनन में उन्हें मालिकाना अधिकार दिलाने की मांग.

बिरसा मुंडा, मामा बालेश्वर , टांट्या मामा भील को मरणोपरांत भारत रत्न दिलाने की मांग.

संसदीय क्षेत्र बांसवाडा में SC समुदाय के अभ्यार्थियों के लिये आधुनिक छात्रावास खोलने की मांग.

संसदीय क्षेत्र बांसवाडा में खेल विश्वविधालय खोलने की मांग.

संसदीय क्षेत्र बांसवाड़ा में आईआईटी, नीट व आई.आई.एम. जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में जाने के लिये उच्च स्तरीय ट्राइबल कोचिंग सेंटर खोलने की मांग.

कौशल दक्षता योजना के तहत स्किल डवलपमेंट कॉलेज खोलने की मांग. ⁠राजस्थान के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में नवीन एम्स खोलने की मांग.

बांसवाडा- डूंगरपुर ज़िले से PM सहायता निधि के लिये समस्त आवेदनों को स्वीकार करते हुये वित्तीय सहायता दिलवाने की मांग.

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