उमाकांत त्रिपाठी। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मधुबनी पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमो भारत सहित कई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई. पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान 13,480 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी का स्वागत कार्यक्रम नहीं हुआ. क्योंकि पहलगाम में हुई घटना के बाद ये फैसला लिया गया था। पहलगाम हमले के बाद उनकी यह पहली सार्वजनिक रैली है।
नहीं हुआ पीएम का स्वागत
पहले कार्यक्रम में पीएम के स्वागत की भव्य तैयारी थी, जिसमे पीएम को सभा स्थल पर हेलीकॉप्टर से उतरकर खुले गाड़ी में मुख्यमंत्री और पीएम को लोगों का अभिवादन स्वीकार करते जाना था. लेकिन अब किसी तरह के स्वागत के कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है. पीएम सीधे हेलीकॉप्टर से उतरकर मंच पर आएं। केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहयोगी राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनजर बिहार के मधुबनी जिले में बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री का कार्यक्रम बिना किसी समारोह के आयोजित किया जाएगा। इस हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मधुबनी से कई परियोजनाओं की शुरुआत की और कुछ सेमी-हाई-स्पीड रेलगाड़ियों को हरी झंडी दिखाई।
बिहार में सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था
बिहार के डीजीपी के नेपाल से सटे इलाकों में ज्यादा सुरक्षा व्यवस्था पुश्ता करने के निर्देश के बाद सुरक्षा चाक चौबंद कर दी गई है. खासकर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे को देखते हुए निगरानी, जांच और सुरक्षा बढ़ा दी गई है. भारत-नेपाल के बीच दोनों देशों के बीच आवाजाही होती है. दोनों देशों के बीच सीमारेखा 1751 किलामीटर है. जबकि बिहार से नेपाल की सीमा 726 किलामीटर है. ऐसे में दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही की निगरानी और सुरक्षा जांच करना आसान नहीं होता.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के कारण बिहार में नेपाल सीमा को सील कर दिया गया है. दोपहर तीन बजे तक बॉर्डर सील रहेगा. पीएम मोदी के दौरे को पूरे इलाके में मार्च अलर्ट है.














