उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के लिए 2 बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई। कुल मिलाकर इन प्रोजेक्ट्स पर लगभग 7616 करोड़ रुपए का निवेश होगा।
मोकामा-मुंगेर हाईवे की सौगात
यह हाईवे बक्सर-भागलपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर का हिस्सा होगा।
इसमें 82.4 किलोमीटर लंबा फोर-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे बनेगा।
इसकी लागत करीब 4447 करोड़ रुपए होगी और इसे हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) पर बनाया जाएगा।
यह हाईवे मोकामा, बड़हिया, लखीसराय, जमालपुर, मुंगेर से होते हुए भागलपुर तक जाएगा।
इससे इंडस्ट्रियल एरिया तक सामान और लोगों की आवाजाही आसान हो जाएगी।
इस प्रोजेक्ट से यात्रा का समय लगभग 1.5 घंटे कम हो जाएगा और यात्री व मालवाहक गाड़ियों को तेज और सुरक्षित रास्ता मिलेगा।
अनुमान है कि इससे 14.83 लाख लोगों को सीधा रोजगार और 18.46 लाख लोगों को परोक्ष रोजगार मिलेगा।
भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट रेलवे लाइन डबलिंग
इस रेलवे लाइन की लंबाई 177 किलोमीटर होगी।
लागत लगभग 3169 करोड़ रुपए होगी।
इस प्रोजेक्ट से रेल परिचालन आसान होगा और भीड़भाड़ कम होगी।
डबल लाइन बनने से झारखंड के देवघर (बाबा बैद्यनाथ धाम) और बंगाल के तारापीठ (शक्तिपीठ) जैसे धार्मिक स्थलों तक संपर्क और बेहतर हो जाएगा।
रेलवे की ओर से कहा गया है कि इससे 441 गांवों और करीब 28.72 लाख लोगों को फायदा होगा।
पर्यावरण को भी फायदा
सरकार ने बताया कि इन प्रोजेक्ट्स से 5 करोड़ लीटर तेल की बचत होगी। 24 करोड़ किलो CO2 उत्सर्जन कम होगा। यानी ये असर लगभग 1 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर होगा। आपको बता दें कि, 27 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक में 12,328 करोड़ की 4 रेल परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी, जिनमें गुजरात के कच्छ में 2 रेल लाइनें और बिहार व असम की बड़ी रेलवे लाइनें शामिल थी।














