उमाकांत त्रिपाठी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को नक्सलियों को दो-टूक संदेश दिया। उन्होंने साफ कहा कि- नक्सली हथियार छोड़कर सरेंडर करें। सरेंडर करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास की जिम्मेदारी सरकार की होगी, लेकिन जो लोग हिंसा नहीं छोड़ते उन्हें सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित एक कार्यक्रम (बस्तर ओलंपिक) को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि मार्च 2026 तक देश नक्सलियों से मुक्त हो जाएगा। शाह ने कहा कि- नक्सलियों से अपील है कि आप आगे आएं। हथियार छोड़ दें, सरेंडर करें और मुख्यधारा में शामिल हों। आपका पुनर्वास हमारी जिम्मेदारी है। यदि नक्सली सरेंडर की अपील नहीं सुनते हैं, तो उन्हें सुरक्षा बलों के जरिए कुचल दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ पुलिस प्रधानमंत्री मोदी के 31 मार्च, 2026 तक भारत को नक्सल मुक्त बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
देशभर में नक्सलवाद का खात्मा हो जाएगा- शाह
इससे पहले रायपुर में राष्ट्रपति पुलिस कलर अवॉर्ड कार्यक्रम में भी उन्होंने कहा कि- हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त करेंगे। जैसे ही छत्तीसगढ़ नक्सल मुक्त होता है, देशभर में नक्सलवाद का खात्मा हो जाएगा। आपको बता दें कि बस्तर में संभाग स्तरीय बस्तर ओलिंपिक प्रतियोगिता का आयोजन शुक्रवार 13 दिसंबर से शुरू हुआ था। जगदलपुर के इंदिरा प्रियदर्शनी स्टेडियम में बैडमिंटन, कबड्डी, वॉलीबॉल समेत अन्य गेम्स हुए। आज 15 दिसंबर को समापन है, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए।
अंतिम कील ठोकने की तैयारी – शाह
शाह ने कहा कि सरकार बदलने के बाद से टॉप 14 नक्सली न्यूट्रलाइज हुए हैं। 4 दशकों में पहली बार नागरिकों और सुरक्षाबलों के मृत्यु के आंकड़े में कमी आई है। 10 साल में नक्सलवाद पर नकेल कसी गई। पुलिस ने 1 साल में छत्तीसगढ़ समेत सभी राज्यों से नक्सलवाद के खिलाफ ताबूत में अंतिम कील ठोकने की तैयारी की है।















