दिल्ली

अब होगी यमुना की सफाई, गृहमंत्री अमित शाह लेंगे हाईलेवल मीटिंग, तय होगा पूरा रोडमैप.!

उमाकांत त्रिपाठी। यमुना नदी की सफाई और पुनर्जीवन के लिए केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार ने एक विस्तृत योजना बनाई है। इस योजना के तहत, यमुना नदी को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे।

यमुना प्रदूषण के मुख्य कारण:

– बिना साफ किए सीवेज को नदी में छोड़ना
– सॉलिड वेस्ट और कारखानों से निकलने वाली औद्योगिक गंदगियां
– घरेलू और औद्योगिक प्रदूषकों का नदी में प्रवेश

यमुना सफाई योजना के चरण:

1. प्रदूषकों को नियंत्रित करना: घरेलू और औद्योगिक प्रदूषकों को नियंत्रित करने के लिए 30 से अधिक जगहों पर पानी की गुणवत्ता जांच की जाएगी। इसके अलावा, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले पानी के स्रोतों पर भी निगरानी रखी जाएगी।
2. यमुना के किनारे का विकास: यमुना के किनारे बने अवैध निर्माण को हटाया जाएगा और किनारों को प्राकृतिक वनस्पतियों से विकसित किया जाएगा।
3. आधुनिक तकनीक का उपयोग: सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से प्रदूषण पर नियंत्रण किया जाएगा।

दिल्ली सरकार की पहल:

दिल्ली की मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में यमुना प्रोजेक्ट के लिए 500 करोड़ रुपये की घोषणा की है। इस फंड से विकेंद्रित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, ड्रेन टैपिंग परियोजना और स्कीमर्स, वीड हार्वेस्टर जैसे मशीनों की मदद से यमुना की सफाई का काम शुरू किया जाएगा।

केंद्र सरकार की भूमिका:

केंद्र सरकार ने यमुना सफाई के लिए कई परियोजनाएं शुरू की हैं। नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत 23 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 5 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। इन परियोजनाओं के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाई जाएगी और प्रदूषण नियंत्रण के उपाय किए जाएंगे।¹

इस प्रकार, यमुना नदी की सफाई और पुनर्जीवन के लिए केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार मिलकर काम कर रही हैं। इस पहल से न केवल यमुना नदी का प्रदूषण कम होगा, बल्कि इसके सांस्कृतिक और प्राकृतिक महत्व को भी बढ़ावा मिलेगा।

Related Posts

जब तक एक भी बीजेपी कार्यकर्ता जिंदा है… गृहमंत्री अमित शाह का बंगाल को लेकर बड़ा ऐलान

उमाकांत त्रिपाठी। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गरमा चुका है और इसी बीच Amit…

1 of 70

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *