उमाकांत त्रिपाठी। NCP (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने दावा किया कि भाजपा अजित पवार गुट से महाराष्ट्र में ‘महायुति’ गठबंधन छोड़ने को कह रही है। क्रैस्टो ने (17 जुलाई) को RSS से जुड़ी एक मराठी साप्ताहिक मैगजीन में छपी रिपोर्ट के हवाले से ये बयान दिया है।
मैगजीन में छपी रिपोर्ट
क्रैस्टो ने कहा, ‘भाजपा को एहसास हो गया है कि अजित पवार के साथ गठबंधन में पार्टी चुनाव नहीं जीत सकती है।’ दरअसल, साप्ताहिक मैग्जीन ‘विवेक’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 में NCP के साथ गठबंधन के बाद से ही जनता की भावनाएं भाजपा के खिलाफ तेजी से बढ़ी, जिसके कारण हाल में हुए लोकसभा चुनावों में पार्टी का खराब प्रदर्शन रहा और भाजपा चुनाव हार गई।लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद भाजपा महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है, लेकिन पार्टी को एहसास हो गया है कि अजित पवार की NCP के साथ गठबंधन से उसकी संभावनाओं को नुकसान पहुंचेगा।
गठबंधन में बढ़ रही हलचल
सच्चाई यह है कि महाराष्ट्र की जनता ने बड़े पैमाने पर NCP (शरद गुट) के पक्ष में मतदान किया है। भाजपा भी इस पूरे मामले में सावधानी से काम कर रही है, क्योंकि वह चुनाव जीतना चाहती है।उपमुख्यमंत्री अजित पवार की NCP के साथ गठबंधन भाजपा को लोकसभा चुनावों की तरह चुनाव हारने पर मजबूर कर देगा। साप्ताहिक (विवेक) में छपा लेख उन तरीकों में से एक है, जिससे भाजपा अजित पवार से खुद को दूर करने की कोशिश कर रही है और शायद किसी न किसी तरह से उन्हें (महायुति) छोड़ने के लिए कह रहे हैं।RSS से जुड़े एक प्रकाशन ने कुछ सप्ताह पहले भी इसी तरह का एक अन्य लेख लिखा था। उन्होंने तर्क दिया कि महाराष्ट्र के वोटर्स ने भाजपा के एनसीपी और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ गठबंधन को स्वीकार नहीं किया है।















