उमाकांत त्रिपाठी। लोकसभा चुनाव के परिणामों ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को बूस्टर डोज दे दिया है और सत्तारूढ़ बीजेपी के अंदर हफ्तेभर से खलबली मची है. 37 सीटें जीतने वाली सपा फिलहाल फुल फॉर्म में देखी जा रही है और गुरुवार को अखिलेश यादव ने बीजेपी के कथित बागी धड़े को मॉनसून ऑफर भी दे दिया है. हालांकि, ये वाकई सत्ता के समीकरण बनाने का कोई ऑफर है या सिर्फ तंज? इससे पहले यह जान लेना जरूरी है कि सपा के इस दावे में कितना दम है? क्योंकि 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा सिर्फ 111 सीटें जीत सकी थी. अभी फिलहाल सपा के 105 सदस्य हैं.
अखिलेश ने किया पोस्ट
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, मानसून ऑफर: सौ लाओ, सरकार बनाओ. इससे पहले अखिलेश ने एक और पोस्ट किया था और लिखा था, लौट के बुद्धू घर को आए. अखिलेश का ऑफर और तंज दोनों यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से जोड़कर देखे जा रहे हैं.
सपा का पीडीए धोखा है
अखिलेश के पोस्ट पर केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को पलटवार किया और कहा था, सपा बहादुर अखिलेश यादव जी, भाजपा की देश और प्रदेश दोनों जगह मजबूत संगठन और सरकार है. सपा का PDA धोखा है. यूपी में सपा के गुंडाराज की वापसी असंभव है. भाजपा 2027 विधानसभा चुनाव में 2017 दोहराएगी.
अभी ये है समीकरण
यूपी में विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं. 10 सीटें खाली हैं. इन सीटों पर जल्द ही उपचुनाव होने हैं. विधानसभा में अभी कुल 393 सदस्य हैं. यानी बहुमत के लिए 197 विधायकों की जरूरत है. ऐसे में हर कोई ये जानना चाहता है कि अखिलेश ने जो कहा है, क्या वो संभव है? क्या वाकई में बीजेपी के 100 विधायक तोड़कर सपा या अखिलेश यूपी में नई सरकार बना सकते हैं? जानिए उत्तर प्रदेश की सियासी गणित क्या है?













