उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक होगी। यह मीटिंग पीएम आवास में होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में केंद्रीय बजट 2024 पर चर्चा की जाएगी। इसके लिए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। बजट सत्र 22 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त को समाप्त होगा।
इसके अलावा प्रधानमंत्री आज शाम 6 बजे भाजपा मुख्यालय भी जा सकते हैं। इस दौरान वह पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।
उठ सकता है अग्निवीर का मुद्दा
1 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा था कि सरकार के लिए अग्निवीर यूज एंड थ्रो मजदूर हैं। सरकार अग्निवीरों को न पेंशन देती है, न मुआवजा और न ही शहीद का दर्जा। राहुल के इस बयान के बाद से मुद्दे पर विवाद शुरू हो गया। सरकार के सहयोगी दल JDU के प्रवक्ता केसी त्यागी ने भी अग्निवीर पर बदलाव की मांग की है। 28 मार्च 2024 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि सरकार अग्निवीर भर्ती योजना में बदलाव के लिए तैयार है। लेकिन अभी तक कोई बदलाव नहीं किया गया। हालांकि, सरकार ने 12 जुलाई 2024 को पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की भर्ती में 10 फीसदी सीटें आरक्षित करने का फैसला किया। वहीं, 17 जुलाई को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अग्निवीरों को राज्य की सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया है।
NEET विवाद को लेकर होगा ऐलान
देशभर के हजारों छात्र NEET UG परीक्षा का विरोध कर रहे हैं। इन छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में परीक्षा में गड़बड़ी और ग्रेस मार्क्स दिए जाने के खिलाफ शिकायत की है। पेपर लीक का भी मामला सामने आया है। NEET-UG पेपर लीक केस में CBI अब तक 12 गिरफ्तारियां कर चुकी है। 7 राज्यों की पुलिस ने 45 आरोपियों को अरेस्ट किया है। मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है। बजट सत्र के दौरान विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर सकती है।
आतंकियों से निपटना बड़ी चुनौती
9 जून 2024 को जिस दिन नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार पीएम पद की शपथ ली। उसी दिन जम्मू के रियासी जिले में आतंकियों ने हिंदू तीर्थयात्रियों की बस पर हमला किया 10 जुलाई को आतंकियों ने कठुआ में 22 गढ़वाल रेजिमेंट के काफिले पर हमला कर दिया। इसमें 5 जवान शहीद हो गए। पिछले एक महीने में जम्मू में लगातार 6 से 7 आतंकी हमले हुए। वहीं, 2021 के बाद से अकेले जम्मू में 22 आतंकी घटनाएं हो चुकी हैं। इन 3 साल में 47 जवान शहीद हुए और 23 नागरिकों की मौत हुई।















