उमाकांत त्रिपाठी।
भारतीय ट्रैवल कंपनी ईज माई ट्रिप (EaseMyTrip) ने 8 जनवरी से अनिश्चितकाल के लिए मालदीव की बुकिंग कैंसिल कर दी है। कंपनी का कहना है कि हमारे लिए प्रॉफिट से ज्यादा राष्ट्र की प्राथमिकता है। कंपनी की ओर से जारी बयान में ‘नेशन फर्स्ट, बिजनेस लेटर’ भी लिखा गया है।
कंपनी ने कहा कि हमारा यह एक्शन मालदीव सरकार के मंत्रियों के हमारे देश और पीएम नरेंद्र मोदी पर की गई गलत टिप्पणी के विरोध में है। हमें अपने देश के बेहतरीन समुद्र बीच पर बेहद गर्व है। देश में 7500 किलोमीटर की कोस्टलाइन है। इसमें लक्षद्वीप, अंडमान, गोवा, केरल के बीच शामिल हैं।
मालदीव की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है: MATATO
वहीं, मालदीव एसोसिएशन ऑफ टूर एंड ट्रैवल ऑपरेटर्स (MATATO) ने 9 जनवरी को कहा था- भारतीय हमारे लिए भाई-बहन जैसे हैं। साथ ही ईज माई ट्रिप (EaseMyTrip) से मालदीव के लिए फिर से फ्लाइट बुकिंग शुरू करने की अपील की थी।
MATATO ने कहा- हम ईज माई ट्रिप से अपील करते हैं कि वो भारत को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान पर ध्यान न दें। यह बयान मालदीव के लोगों की भावनाओं को नहीं दर्शाता। हम इसके लिए माफी मांगते हैं।
ईज माई ट्रिप के CEO निशांत पिट्टी को एड्रेस करते हुए मालदीव के एसोसिएशन MATATO ने भारतीयों पर्यटकों की अहमियत बताते हुए कहा कि भारत और मालदीव के बीच गहरी दोस्ती है। हमारे रिश्ते राजनीति से परे हैं। पर्यटन मालदीव के लोगों के जीवन का आधार है।
MATATO ने ये भी बताया कि टूरिज्म सेक्टर हमारी GDP में दो-तिहाई से ज्यादा का योगदान देता है। इस सेक्टर में मालदीव के करीब 44 हजार लोग काम करते हैं। इनकी आजीविका टूरिज्म पर ही आधारित है। इस विवाद की वजह से होने वाला नुकसान देश की अर्थव्यवस्था पर गलत असर डाल सकता है।
भारतीय पर्यटक मालदीव के टूरिज्म सेक्टर की सफलता के लिए बेहद अहम हैं। पर्यटकों की बदौलत ही मालदीव में गेस्ट हाउस और दूसरी सुविधाएं देने वाले मीडियम स्केल बिजनेस आगे बढ़ पा रहे हैं। हम बातचीत और एक-दूसरी की मदद करने की भावना में विश्वास रखते हैं।’
मालदीव की टूरिज्म इंडस्ट्री बोली- भारत मुसीबत में सबसे पहले मदद करता है
वहीं मालदीव की टूरिज्म इंडस्ट्री MATI ने मंगलवार को भारत और पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई अपने मंत्रियों की अपमानजनक बयानबाजी की आलोचना की थी। MATI ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा था- भारत हमारा साझेदार है, मुसीबत के वक्त हमारी मदद के लिए सबसे पहले आगे आता है।
मालदीव की टूरिज्म इंडस्ट्री में भारत सबसे बड़ा सहयोगी है। हम चाहते हैं कि ये साझेदारी सदियों तक बनी रहे। हम हर उस एक्शन की कड़ी निंदा करते हैं जिससे दोनों देशों के संबंध बिगड़ सकते हैं।
मालदीव की इकोनॉमी टूरिज्म बेस्ड, भारत सबसे बड़ा हिस्सेदार
मालदीव की इकोनॉकी टूरिज्म पर डिपेंड करती है। यहां 70% नौकरियां टूरिज्म सेक्टर से पैदा होती हैं। इसमें 14% से 20% इनकम भारत से होती है। जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी की वजह से आर्थिक तंगी से जूझ रही थी, भारत के 63 हजार टूरिस्ट वहां गए थे। पिछले 3 साल के आंकड़ों के मुताबिक, मालदीव के कुल टूरिस्ट में भारतीयों की हिस्सेदारी 15-25% रहती है। मालदीव में हर साल करीब 20 लाख लोग घूमने जाते हैं। इनमें भारत से 2021 में 2.91 लाख, 2022 में 2.41 लाख और 2023 में 2.10 लाख टूरिस्ट मालदीव गए।
दिल्ली में टूरिस्ट कंपनी चलाने वाले आनंद कुमार बताते हैं कि इस साल क्रिसमस और नए साल की छुट्टी मनाने भारत से मालदीव जाने वालों की संख्या 30 से 50 हजार के बीच रही होगी। ये वो सीजन होता है जब कुल संख्या के 30% लोग छुटि्टयां मनाने मालदीव जाते हैं।















