उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय रूस दौरे पर हैं. वहां सोमवार को उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अनौपचारिक मुलाकात की तो वहीं, आज यानी मंगलवार को पुतिन ने पीएम मोदी को रूस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल से सम्मानित किया. प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि यह 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है. यह भारत और रूस के बीच सदियों पुरानी दोस्ती का प्रतिबिंब है. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी का सम्मान है.
रूस दौरे पर हुए कई समझौते
पीएम ने कहा कि पुतिन के नेतृत्व में पिछले 25 वर्षों में भारत और रूस के बीच संबंध मजबूत हुए हैं और हर बार नई ऊंचाइयों को प्राप्त करते रहे हैं. वहीं पीएम मोदी के इस दौरे पर भारत और रूस के बीच कई समझौते हुए हैं. भारत और रूस 2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य पर नजर रख रहे हैं. बैठक के बाद विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने कहा दोनों देशों नेका आर्थिक संबंधों पर सबसे ज्यादा फोकस है. वहीं पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात के बारे में बताते हुए विनय क्वात्रा ने कहा कि बातचीत में ऊर्जा और उवर्रक की सप्लाई पर पीएम का फोकस रहा.
इन मुद्दों पर रहा फोकस-
रूस और भारत के बीच द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग विकसित करने की योजना है जिसमें निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं –
भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार से संबंधित गैर-टैरिफ व्यापार बाधाओं को खत्म करने की आकांक्षा.
ईएईयू-भारत मुक्त व्यापार क्षेत्र की स्थापना की संभावना सहित द्विपक्षीय व्यापार के उदारीकरण के क्षेत्र में बातचीत जारी रखना.
संतुलित द्विपक्षीय व्यापार को प्राप्त करने के लिए भारत से माल की आपूर्ति में वृद्धि सहित, 2030 तक (पारस्परिक सहमति के अनुसार) 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के पारस्परिक व्यापार की उपलब्धि हासिल करना.
पार्टियों की निवेश गतिविधियों का पुनरोद्धार, यानी विशेष निवेश व्यवस्थाओं के ढांचे के भीतर: 2030 तक की अवधि के लिए रूस-भारत आर्थिक सहयोग के रणनीतिक क्षेत्रों के विकास पर नेताओं का संयुक्त वक्तव्य.
राष्ट्रीय मुद्राओं का उपयोग करके द्विपक्षीय निपटान प्रणाली का विकास, परमाणु ऊर्जा, तेल शोधन और पेट्रोकेमिकल और विस्तारित रूपों सहित प्रमुख ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग का विकास.
ऊर्जा अवसंरचना, प्रौद्योगिकियों और उपकरणों के क्षेत्र में सहयोग और साझेदारी.















