मध्य प्रदेश

देश में अराजकता पैदा करना चाहती है… किस मुद्दे पर कांग्रेस पर भड़क गए सीएम मोहन यादव?

उमाकांत त्रिपाठी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। जम्मू कश्मीर में चुनाव से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के साथ गठबंधन करने के लिए कांग्रेस पार्टी पर सवाल उठाए हैं।

सीएम मोहन ने कहा कि-यह सबसे पुरानी पार्टी देश में अराजकता पैदा करना चाहती है।

दरअसल कांग्रेस पार्टी और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर की सभी 90 विधानसभा सीटों के लिए गठबंधन की घोषणा की है। दोनों दलों का कहना है कि हम ज़्यादातर सीटों पर आम सहमति पर पहुँच गए हैं।”

अलग झंडे का समर्थन करती है कांग्रेस
गठबंधन पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम यादव ने कहा, “यह गठबंधन दर्शाता है कि क्या कांग्रेस नेशनल कॉन्फ्रेंस के घोषणापत्र के मुताबिक अलग झंडे के वादे का समर्थन करती है? क्या कांग्रेस कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35 ए को वापस लाना चाहती है? यह कहना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस सिर्फ वोट बैंक के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ मिलकर देश में अराजकता पैदा करना चाहती है। वे फिर से पाकिस्तान से बात करना चाहते हैं।” सीएम ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस को उन सभी चीजों को याद रखना चाहिए, जिनके कारण कश्मीर में अब तक 40,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। कश्मीर आज विकास के नए चरण में पहुंच गया है, वह पूरे देश के साथ हाथ से हाथ मिलाकर चलना चाहता है, लेकिन कांग्रेस सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के कारण दलितों, गुज्जरों, बकरवालों और पहाड़ियों का आरक्षण खत्म करना चाहती है।”

कांग्रेस को जवाब देना चाहिए
सीएम यादव ने कहा, “क्या कांग्रेस चाहती है कि ‘शंकराचार्य पर्वत’ को ‘तख्त-ए-सुलेमान’ और ‘हरि पर्वत’ को ‘कोह-ए-मरान’ के नाम से जाना जाए? क्या कांग्रेस बाबा अमरनाथ यात्रा को फिर से मुश्किल में डालना चाहती है? क्योंकि यही कारण थे, जिनकी वजह से कश्मीर में अशांति जारी रही। मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस को इन बातों का जवाब देना चाहिए।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लंबे समय तक जम्मू-कश्मीर को अलग रखा और इसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस की बड़ी भूमिका रही। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि आज कश्मीर के बदलते दौर में कांग्रेस फिर से उन अराजकतावादी तत्वों से हाथ मिला रही है, जिसका जवाब राहुल गांधी को देना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि चुनावी राजनीति में पार्टियों की अपनी सीमाएं हो सकती हैं, लेकिन कांग्रेस को राष्ट्रीय मुद्दों पर सोचना चाहिए।

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