उमाकांत त्रिपाठी। हरियाणा विधानसभा चुनाव के 30 दिन पहले पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया शुक्रवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। विनेश और बजरंग उन पहलवानों में से हैं, जिन्होंने भाजपा के पूर्व सांसद और बाहुबली बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाए और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया।
दोनों पहलवानों की नई पारी पर बृजभूषण शरण सिंह ने दैनिक भास्कर से एक्सक्लूसिव बातचीत की। उन्होंने कहा- यह लोग राजनीति को हवा समझते हैं। सोच रहे हैं कि हरियाणा से विधानसभा चुनाव जीत जाएंगे। हरियाणा में किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ जाएं, भाजपा का कोई भी प्रत्याशी इन पहलवानों को हरा देगा। पार्टी कहेगी तो मैं भी हरियाणा प्रचार करने जाऊंगा।
इनका नाम खत्म हो जाएगा
यह पहलवान किसी भी सीट से हरियाणा में चुनाव नहीं जीत पाएंगे, क्योंकि यह लोग अब राजनीति कर रहे हैं। इन दोनों पहलवानों ने कुश्ती के दम पर पूरे देश में अपना नाम रोशन किया था। अब कांग्रेस में शामिल होने के बाद इनका नाम वैसे ही खत्म हो जाएगा। पहलवानों को न्याय दिलाने के नाम पर कांग्रेस नेता धरने में शामिल हुए। उन्होंने धीरे-धीरे एक के बाद एक कई पहलवानों को अपना मोहरा बना लिया। इस देश की कुश्ती का सत्यानाश भी कांग्रेस पार्टी के लोगों ने पहलवानों के साथ मिलकर किया है। कुश्ती का सत्यानाश करने में इन पहलवानों का भी बड़ा योगदान है, जो आज कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए हैं। कांग्रेस पार्टी की सरकार देश में थी तो कुश्ती का नाम-ओ-निशान नहीं था, लेकिन मेरे अध्यक्ष बनने के बाद भारत में लोग कुश्ती को जानने लगे और कई मेडल आए।
पहलवानों ने नाम बर्बाद किया
इन जैसे पहलवानों को भाजपा की आईटी सेल ट्रोल नहीं करती है। जब इन लोगों ने आरोप लगाया था तो उनके ही लोगों ने हमें ट्रोल किया था। अब देश के लोग उनकी सच्चाई जान चुके हैं तो वह धीरे-धीरे उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। इनके साथ हरियाणा में उनके परिवार के साथ कोई नहीं खड़ा होगा। जब यह लोग मेरे खिलाफ धरने पर बैठे थे, तो जूनियर और सीनियर पहलवानों की गोंडा में कुश्ती आयोजित की गई थी। इन लोगों ने आंदोलन करके उस प्रतियोगिता को भी रद्द करवा दिया था। नतीजा जूनियर और सीनियर खिलाड़ी अपनी सही उम्र में कुश्ती नहीं लड़ पाए थे। लगभग डेढ़ साल तक जूनियर और सीनियर पहलवानों के भविष्य को बर्बाद करते रहे। अब उन पहलवानों के सामने काफी दिक्कतें दूसरे भार वर्ग में कुश्ती लड़ने में हो रही है। अगर यह पहलवानों के न्याय के लिए ही बैठे थे, तो प्रतियोगिता को रद्द न कराते। इन लोगों ने पहलवानों के भविष्य को कांग्रेस के साथ मिलकर बर्बाद करने का काम किया है।














