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नमामि गंगे योजना: पीएम मोदी के अभियान को मिला गंगा पुत्रों का साथ, कहा- पीएम ने बढ़ाया हौसला

उमाकांत त्रिपाठी।नमामि गंगे योजना के माध्यम से गंगा की धारा काफी शुद्ध हुई है। इसके साथ ही घाट किनारे काफी काम भी हुए हैं। कई घाट पक्के होकर काशी की शोभा बढ़ा रहे हैं। इन घाटों पर पर्यटकों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है।जैसे-जैसे हम बड़े होते गए वैसे-वैसे मां गंगा की स्वच्छता खत्म होती जा रही थी। हम सोचते थे कि मां गंगा के लिए कुछ करें लेकिन कोई न कोई बाधा आ जाती थी। 2014 में पीएम मोदी ने जब गंगा की स्वच्छता का संकल्प लिया तब हमें भी संबल मिला। उक्त बातें बाबा स्कूल ऑफ म्यूजिक के फाउंडर रवि कुमार त्रिपाठी ने एक निजी चैनल से खास बातचीत के दौरान कही।उन्होंने कहा कि- मेरा सौभाग्य है कि मां गंगा के तट पर ही मेरा घर है। हर सुबह मां के दर्शन के साथ मैं इसकी पवित्र धारा में स्नान करता हूं। ये मेरे पिछले जन्म का पुण्य है, जो इस जन्म में मिल रहा है कि मुझे गंगाजी के पास रहने का मौका मिला।

गंगा से जुड़कर उसकी सफाई करने का भी हमें मौका मिला है। मोदी सरकार के नमामि गंगा अभियान से हमें हौसला मिला है। जब देश के प्रधानमंत्री हाथ में झाड़ू लेकर गंगा तट की सफाई कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं? उन्हीं की देन है कि देश-विदेश से कोई भी यहां आता है तो गंगा की स्वच्छता को ध्यान में रखकर ही घाट पर टहलता है। यहां के माहौल का लुत्फ उठाता है।

जानिए- कौन हैं रवि कुमार त्रिपाठी
वाराणसी के मीरघाट पर रहने वाले रवि कुमार त्रिपाठी तबला वादक और म्यूजिशियन हैं। गंगा घाट पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ वे विदेशों में भी अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। रवि बताते हैं कि नमामि गंगे अभियान से प्रेरणा लेकर ही मैंने गंगा की थीम से एक गाना बनाया। इसमें मेरी टीम ने काफी सहयोग किया।
सोशल मीडिया के माध्यम से इसे लोगों तक शेयर किया गया ताकि लोग स्वच्छता और गंगा के महत्व को समझें। वे कहते हैं कि ये हमारा ही नहीं सभी का फर्ज है कि लोग मां गंगा के प्रति कुछ करें, क्योंकि गंगा देश की रक्तवाहिनी है।

जाने-रवि कुमार  मां गंगे तट को लेकर क्या बोले?
रवि ने अपील भी की कि मां गंगा के तट के पास जो लोग भी आते हैं। घूमते हैं, खाते-पीते हैं तो खाली पैकेट नदी में न फेंककर कूड़ेदान में डालें। धीरे-धीरे लोग जागरूक हो रहे हैं बावजूद इसके घाट पर कूड़े मिल ही जाते हैं। ये दुख की बात है, इस गलती को अब ठीक करना होगा। मां गंगा हम सबकी है। इसकी स्वच्छता का ख्याल भी हमें मिलकर रखना होगा।सरकार मां गंगा की सफाई के लिए कई योजनाएं चला रही है। संबंधित विभागों द्वारा भी काफी काम किए जा रहे हैं। लेकिन कुछ फर्ज हमारे भी होते हैं, जिसे हमें निभाना है। हम सरकार के आसरे क्यों रहें? स्वच्छता अभियान कहीं भी हो सबसे पहले वहां रहने वाले लोगों को इसमें शामिल होना चाहिए। सरकार तो अपना काम कर ही रही है।

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