धर्म -अध्यात्म

पीएम मोदी के लिए कैसा रहेगा 2025, ज्योतिष की नजर से जानिए पीएम की कुंडली में कैसी चल रही ग्रहों की स्थिति

उमाकांत त्रिपाठी। नया साल शुरू होते ही लोगों के मन में खुशियां, उमंगे और आशाएं तो होती हैं. साथ यह जानने की जिज्ञास भी रहती है कि नया साल 2025 देश-दुनिया के लिए कैसा रहेगा. क्या आप जानते हैं कि प्रधानमंत्री जोकि हमारा देश चला रहे हैं, उनके लिए नया साल 2025 कैसा रहने वाला है.
एस्ट्रोलॉजर रूचि शर्मा ने मोदी जी की कुंडली का आंकलन कर ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर बताया कि नया साल 2025 मोदी जी के लिए कैसा रहेगा? कौन से ग्रह गोचर परेशान करेंगे और कौन सा योग उन्हें उत्तम नेतृत्वकर्ता के रूप में पहचान दिलाएगा.

जानिए-पीएम मोदी के लिए कैसा रहेगा साल 2025
पीएम मोदी की कुंडली वृश्चिक लग्न और वृश्चिक राशि की है. लग्न और चंद्र से सप्तम भाव में बृहस्पति गोचर कर रहे हैं, जो इनको अच्छी सफलता प्रदान कर रहे हैं. राहु का गोचर पंचम भाव में जन्मांग के राहु पर ही है और सूर्य के ऊपर केतु का गोचर है. इनकी शनि की ढैया चल रही है, जो मार्च में खत्म होगी. इस कारण से मोदी को कुछ विरोधियों का सामना करना पड़ रहा है.

इस साल पीएम मोदी को मिल रही है कई जगह चुनौतियां
मंगल का गोचर नवम भाव में भाग्य स्थान में है, अभी यह मंगल की महादशा और म‌ई के अंत तक शनि की अंतर्दशा के प्रभाव में हैं, जो न केवल उन्हें एक सशक्त राजनेता के रूप में आगे बढ़ा रहा है बल्कि कई स्थानों पर उनकी प्रतिष्ठा को बढ़ा रहा है और यही वजह है कि इन्हें अनेक देशों द्वारा पुरस्कार भी मिल रहे हैं क्योंकि- बृहस्पति की कृपा भी इनको गोचर में प्राप्त हो रही है. लेकिन इसी कारण और सूर्य के भी पीड़ित होने के कारण उनके विरोधियों की संख्या भी बढ़ रही है और इन्हें कई जगह चुनौतियां मिल रही हैं.

पीएम मोदी के यश में बढ़ोतरी होगी
मई 2025 के बाद से 2026 मई तक बुध की अंतर्दशा रहेगी. यह समय प्रधानमंत्री के कद को बढ़ाएगा और उनकी लोकप्रियता भी बढ़ेगी. उनकी बातचीत लोगों के दिमाग तक पहुंचेगी और इन्हें एक उत्तम नेतृत्वकर्ता के रूप में और ज्यादा पहचान दिलाएगा. लेकिन मोदी जी को सेहत से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. पार्टी और देश‌ के अंदर आंतरिक संघर्ष, जन आंदोलन का सामना करना पड़ेगा और कुछ अपने दल के लोग समस्या उत्पन्न कर सकते हैं.बृहस्पति का गोचर 2025 में मई के महीने में मिथुन राशि में होने से यह आध्यात्मिक गतिविधियों में और बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे और तब हो सकता है कि यह अपने उत्तराधिकारी के बारे में विचार भी करें लेकिन एक बात है कि उनके यश में बढ़ोतरी होगी.

 

Related Posts

1 of 19

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *