उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युवाओं को प्रोत्साहित करने और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के तहत एक विशेष प्रतियोगिता का विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (Viksit Bharat Young Leaders Dialogue) 2025 का आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता में पूरे भारत से लाखों बच्चों ने भाग लिया, जिसमें से 1500 बच्चों को दिल्ली बुलाया गया. चुने हुए युवाओं ने प्रधानमंत्री के सामने अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला. मध्यप्रदेश के जबलपुर से जिज्ञासा जैन ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति के दम पर इस प्रतियोगिता में स्थान बनाया.
जानिए-कौन हैं जिज्ञासा?
जिज्ञासा, जो गवर्नमेंट एमएलबी होम साइंस कॉलेज की छात्रा हैं, ने ऑनलाइन क्विज़ और निबंध प्रतियोगिता से शुरुआत की. इसके बाद भोपाल में पीपीटी प्रेजेंटेशन और इंटरव्यू के जरिए उन्हें शीर्ष 45 प्रतिभागियों में चुना गया. अंतिम चरण में, दिल्ली में 1500 प्रतिभागियों के बीच अपने विषय “मेक इन इंडिया: द ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस” पर प्रस्तुति दी.जिज्ञासा ने प्रधानमंत्री के सामने अपनी प्रस्तुति में कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने और जीडीपी बढ़ाने के लिए “लोकल फॉर वोकल” अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करना होगा. उन्होंने सुझाव दिया कि निर्यात को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक समाधान खोजे जाने चाहिए.जिज्ञासा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों, और भगवान के आशीर्वाद को दिया. प्रधानमंत्री से मुलाकात को उन्होंने अपने जीवन का सबसे प्रेरक क्षण बताया. जबलपुर की इस बेटी की मेहनत और संकल्पना ने न केवल शहर बल्कि पूरे प्रदेश को गर्व से भर दिया है.
पीएम का मतलब है- परम मित्र
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आप लोग ये भारत मंडपम में है, समय का चक्र देखिए, इसी भारत मंडपम में दुनिया के दिग्गज इकट्ठे हुए थे, और वे दुनिया का भविष्य क्या हो, उस पर चर्चा कर रहे थे. ये मेरा सौभाग्य है, उसी भारत मंडपम में मेरे देश के नौजवान भारत के अगले 25 साल कैसे होंगे, इसका रोडमैप बना रहे हैं. कुछ महीने पहले मैं अपने निवास पर कुछ युवा खिलाड़ियों से मिला था, और मैं उनसे गप्पे-सप्पे कर रहा था, बातें कर रहा था, तो एक खिलाड़ी ने खड़े होकर के कहा कि- मोदी जी दुनिया के लिए आप भले प्रधानमंत्री होंगे, पीएम होंगे, लेकिन हमारे लिए तो पीएम का मतलब है- परम मित्र.पीएम ने कहा कि- मेरे लिए मेरे देश के नौजवानों के साथ मित्रता का वो ही नाता है, वो ही रिश्ता है और मित्रता की सबसे मजबूत कड़ी होती है- विश्वास. मुझे भी आप पर बहुत विश्वास है. इसी विश्वास ने मुझे, मेरा युवा भारत यानि MYBharat के गठन की प्रेरणा दी. इसी विश्वास ने विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग का आधार बनाया. मेरा ये विश्वास कहता है- भारत की युवाशक्ति का सामर्थ्य, भारत को जल्द से जल्द विकसित राष्ट्र बनाएगा.














