उमाकांत त्रिपाठी।गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में एक भी विशेष सीबीआई अदालत स्थापित नहीं की है, यही वजह है कि किसी भी मामले में दोषसिद्धि नहीं हुई. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार शाह ने राज्यसभा में टीएमसी सदस्य साकेत गोखले की टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि राज्य में सीबीआई द्वारा 6,900 भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए गए और आज तक किसी भी मामले में दोषसिद्धि नहीं हुई. गृह मंत्री ने जवाब दिया कि ये मामले भ्रष्टाचार से संबंधित नहीं थे, बल्कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अदालतों के हस्तक्षेप पर दर्ज किए गए थे.
रिपोर्ट के मुताबिक, शाह ने कहा, कि-पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में अब तक एक भी विशेष सीबीआई अदालत का गठन नहीं किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि- चुनाव के बाद भाजपा समर्थकों को निशाना बनाया गया और टीएमसी सरकार ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने से इनकार कर दिया. शाह ने कहा कि- पीड़ितों ने उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद उनके आदेश पर मामले दर्ज किए गए.
बुधवार को, गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में टीएमसी और भाजपा के बीच जुबानी जंग हुई. रिपोर्ट के अनुसार सदन के नेता जे पी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कुछ भाजपा सदस्यों ने गोखले से शाह के खिलाफ अपनी टिप्पणी वापस लेने की मांग की, जिसके बाद सभापति जगदीप धनखड़ को हस्तक्षेप करना पड़ा, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.सभापति ने कहा कि गोखले को वरिष्ठ मंत्री के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था और उनकी टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा क्योंकि वे “व्यक्तिगत” थीं. रिपोर्ट के मुताबिक धनखड़ ने यह भी कहा कि उन्होंने सदस्यों द्वारा सहकर्मियों के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी करने के मुद्दे पर अपना फैसला गुरुवार तक सुरक्षित रखा है.















