खबर इंडिया की। भोपाल के कटारा हिल्स स्थित बागमुगालिया एक्सटेंशन में रिटायर्ड महिला जज की बहू ट्विशा शर्मा की आत्महत्या का मामला अब लगातार उलझता जा रहा है। घटना के छह दिन बाद भी ट्विशा के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया है। परिवार आरोपी सास गिरीबाला सिंह को मिली जमानत से नाराज है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।

इसी बीच केस में नया मोड़ तब आया, जब आरोपी सास गिरीबाला सिंह की जमानत याचिका के कुछ हिस्से सामने आए। कोर्ट में दाखिल आवेदन में गिरीबाला सिंह ने दावा किया कि ट्विशा शर्मा को ड्रग्स की लत थी। आवेदन में कहा गया कि जब ट्विशा को नशा नहीं मिलता था तो उसके हाथ कांपने लगते थे और उसका व्यवहार चिड़चिड़ा हो जाता था।

गिरीबाला सिंह की ओर से कोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्विशा मानसिक तनाव से गुजर रही थी और उसका इलाज मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी के पास चल रहा था। साथ ही उसे काउंसलर काकोली राय के पास भी भेजा गया था। सास पक्ष ने दावा किया कि बहू की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और दहेज प्रताड़ना के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

आवेदन में यह भी बताया गया कि ट्विशा को उसकी जरूरतों के हिसाब से हर महीने पैसे दिए जाते थे। कोर्ट में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की रसीदें भी पेश की गई हैं, जिनमें 5 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक के कई ट्रांसफर शामिल बताए गए हैं।

वहीं दूसरी तरफ ट्विशा के परिजन इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही और पुलिस आरोपी पति समर्थ शर्मा को बचाने की कोशिश कर रही है। घटना के बाद से समर्थ फरार बताया जा रहा है और उसकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है।

परिजनों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच मध्यप्रदेश के बाहर की एजेंसी से कराई जाए और ट्विशा का दोबारा पोस्टमॉर्टम नई दिल्ली के एम्स में कराया जाए। उनका कहना है कि कटारा हिल्स थाना पुलिस ने उनकी बात तक ठीक से नहीं सुनी। परिवार ने मुख्यमंत्री से भी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। शादी से पहले वह साउथ की कुछ फिल्मों और विज्ञापनों में काम कर चुकी थीं। बाद में उन्होंने एमबीए किया और दिल्ली की एक निजी कंपनी में नौकरी करने लगीं। इसी दौरान एक डेटिंग ऐप पर उनकी मुलाकात समर्थ शर्मा से हुई थी। दोनों की दोस्ती प्यार में बदली और परिवार की सहमति से दिसंबर 2025 में शादी हुई थी।

11 मई की रात ट्विशा की मौत हुई थी। बताया गया कि वह ब्यूटी पार्लर से तैयार होकर घर लौटी थीं। उसी दौरान उनकी मां का फोन आया और बात करते-करते वह छत पर चली गईं। कुछ देर बाद कॉल डिस्कनेक्ट हो गया। जब परिवार ने तलाश शुरू की तो ट्विशा छत पर प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटकी मिलीं। पति समर्थ और रिश्तेदार उन्हें तुरंत एम्स लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब एसआईटी का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व एसीपी मिसरोद रजनीश कश्यप कर रहे हैं। टीम में महिला पुलिसकर्मियों समेत कुल छह अधिकारी शामिल किए गए हैं। वहीं पुलिस की एक अलग टीम फरार समर्थ शर्मा की तलाश में जुटी हुई है।
अब सवाल यह है कि क्या ट्विशा ने वास्तव में मानसिक तनाव में आत्महत्या की, या फिर इस मामले के पीछे कोई और सच छिपा है? फिलहाल पूरे मामले पर प्रदेशभर की नजर बनी हुई है।














