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PM Modi Instagram Video Restricted: PM मोदी का वीडियो बैन किया, फिर रिस्टोर हुआ, अब इस गलती की सजा भुगतेगा फेसबुक! सरकार ने किया तलब

उमाकांत त्रिपाठी। नई दिल्ली: PM Modi Instagram Video Restricted मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छात्रों के प्रदर्शन और परीक्षा सुधारों को लेकर साझा किया गया एक वीडियो भारत में इंस्टाग्राम और फेसबुक पर कुछ समय के लिए प्रतिबंधित (Restricted) कर दिया गया। वीडियो हटने के बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि आखिर प्रधानमंत्री के आधिकारिक अकाउंट से साझा किए गए वीडियो पर ऐसी कार्रवाई क्यों हुई। विवाद बढ़ने के बाद Meta ने सफाई देते हुए कहा कि यह कार्रवाई गलती से हुई थी और वीडियो को दोबारा उपलब्ध करा दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (IT Ministry) ने Meta और Instagram के वैश्विक प्रमुखों (Global Heads) को तलब किया है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देश में परीक्षा सुधार, पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर व्यापक बहस जारी है। ऐसे में PM Modi Instagram Video Restricted विवाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और कंटेंट मॉडरेशन की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

 क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक सेल्फी वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए परीक्षा व्यवस्था और सरकार के रुख पर अपनी बात रखी थी।

हालांकि, वीडियो अपलोड होने के कुछ समय बाद फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इसे भारत में “Restricted” दिखाया जाने लगा। जब यूजर्स ने “See Why” विकल्प पर क्लिक किया तो वहां यह संदेश दिखाई दिया कि “कानूनी अनुरोध (Legal Request) का पालन करते हुए इस कंटेंट को प्रतिबंधित किया गया है।”

इस संदेश के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने सवाल उठाए और मामला तेजी से चर्चा में आ गया।

 Meta ने दी सफाई, बताया तकनीकी गलती

विवाद बढ़ने के बाद Meta ने अपना पक्ष रखा। कंपनी ने मीडिया को दिए गए जवाब में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो गलती से हटाया गया था। कंपनी के अनुसार यह किसी नीति या सरकारी आदेश के तहत नहीं, बल्कि एक तकनीकी त्रुटि के कारण हुआ।

Meta ने कहा कि गलती का पता चलते ही वीडियो को दोबारा बहाल (Restore) कर दिया गया और अब वह सामान्य रूप से उपलब्ध है।

कंपनी की इस सफाई के बावजूद सोशल मीडिया पर कंटेंट मॉडरेशन की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी तकनीकी गलती कैसे हुई, जबकि मामला देश के प्रधानमंत्री के आधिकारिक अकाउंट से जुड़ा था।

 IT Ministry ने Meta और Instagram के Global Heads को किया तलब

PM Modi Instagram Video Restricted मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने Meta और Instagram के वैश्विक अधिकारियों को तलब किया है।

सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय कंपनी से यह जानना चाहता है कि वीडियो को प्रतिबंधित करने का निर्णय किन परिस्थितियों में लिया गया, तकनीकी प्रक्रिया क्या थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कंपनी क्या कदम उठाएगी।

सरकार का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सार्वजनिक महत्व के कंटेंट के साथ होने वाली ऐसी घटनाओं की स्पष्ट जवाबदेही तय होनी चाहिए।

 छात्रों के प्रदर्शन और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के विवाद के बीच आया वीडियो

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों द्वारा कई दिनों तक प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।

20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने संसद की ओर बढ़ने से रोक दिया था। इस घटनाक्रम और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के नाम अपना पहला सेल्फी वीडियो जारी किया।

वीडियो में उन्होंने कहा कि सरकार ने पेपर लीक के मामलों को गंभीरता से लिया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। साथ ही उन्होंने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने का भरोसा भी दिया।

दूसरे वीडियो में परीक्षा सुधारों का किया ऐलान

पहले वीडियो के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने परीक्षा सुधारों के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त कार्यबल (High-Level Task Force) के गठन की घोषणा की।

उन्होंने बताया कि इस कार्यबल की अध्यक्षता Infosys के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि करेंगे। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार कार्यबल की सिफारिशों को गंभीरता से लागू करेगी ताकि देश की परीक्षा प्रणाली अधिक भरोसेमंद और तकनीक आधारित बन सके।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की भूमिका पर उठे सवाल

PM Modi Instagram Video Restricted विवाद ने एक बार फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की कार्यप्रणाली पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े सार्वजनिक पदों से जुड़े आधिकारिक अकाउंट्स के कंटेंट पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए।

यदि तकनीकी त्रुटि के कारण ऐसा हुआ है, तो कंपनियों को ऐसी गलतियों से बचने के लिए अपने सिस्टम को और मजबूत बनाना होगा। वहीं सरकार की ओर से भी इस मामले में जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

फिलहाल Meta ने वीडियो बहाल कर दिया है, लेकिन PM Modi Instagram Video Restricted मामला आने वाले दिनों में सोशल मीडिया नियमन, कंटेंट मॉडरेशन और डिजिटल जवाबदेही पर नई बहस को जन्म दे सकता है।

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