उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के बाद एक बार फिर PM Modi Putin Car Ride चर्चा में है। शुक्रवार को दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक के बाद दोनों नेता एक ही कार में सवार होकर ‘इनोप्रोम’ (INNOPROM) प्रदर्शनी के लिए रवाना हुए। करीब 5 मिनट की इस यात्रा ने दोनों नेताओं के बीच सहज रिश्तों और कूटनीतिक नजदीकी को लेकर फिर चर्चा छेड़ दी है।
जिस कार में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने सफर किया, वह कोई सामान्य कार नहीं थी। दोनों नेता पुतिन की बेहद सुरक्षित और बख्तरबंद Aurus Senat में सवार होकर प्रदर्शनी स्थल तक पहुंचे। इस दौरान दोनों नेताओं की साथ कार में बैठकर यात्रा करने की तस्वीरें भी सामने आईं।
PM Modi Putin Car Ride से पहले भी हो चुकी है ऐसी यात्रा
यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन ने एक ही कार में सफर किया हो। इससे पहले भी दोनों नेता अलग-अलग मौकों पर साथ कार में यात्रा कर चुके हैं।
करीब 12 दिन पहले 31 अगस्त को किर्गिस्तान के बिश्केक में भी दोनों नेताओं ने एक साथ कार में यात्रा की थी। इससे पहले सितंबर 2025 में चीन के तियानजिन में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन के दौरान भी मोदी और पुतिन एक ही कार में नजर आए थे।
दिसंबर 2025 में जब पुतिन भारत पहुंचे थे, तब प्रधानमंत्री मोदी ने पालम एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया था। इसके बाद दोनों नेता साथ कार में प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास की ओर रवाना हुए थे।
इस तरह PM Modi Putin Car Ride केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत सहजता और भरोसे की तस्वीर के तौर पर भी देखी जा रही है।
मोदी कई विश्व नेताओं के साथ कर चुके हैं कार में सफर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान कई ऐसे मौके आए हैं, जब उन्होंने विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों के साथ एक ही कार में यात्रा की है।
30 सितंबर 2014 को अमेरिकी दौरे के दौरान मोदी ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ कार में यात्रा की थी। यह प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी की शुरुआती प्रमुख विदेश यात्राओं में से एक थी।
इसके बाद 4 जुलाई 2017 को इजरायल यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और तत्कालीन इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी एक साथ कार में नजर आए थे।
पिछले कुछ वर्षों में ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सहित अन्य विश्व नेताओं के साथ भी मोदी की ऐसी यात्राएं चर्चा में रही हैं।
दिसंबर 2025 में जॉर्डन के क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला ने खुद कार चलाकर प्रधानमंत्री मोदी को एक संग्रहालय तक पहुंचाया था। इसी तरह इथियोपिया की यात्रा के दौरान वहां के प्रधानमंत्री ने भी मोदी का स्वागत करने के बाद उन्हें कार से विज्ञान संग्रहालय तक पहुंचाया था।
इन घटनाओं को अक्सर नेताओं के बीच व्यक्तिगत तालमेल और गर्मजोशी के संकेत के तौर पर देखा जाता है।
क्या होती है Car Diplomacy?
अब सवाल उठता है कि आखिर Car Diplomacy क्या होती है?
कूटनीति की भाषा में जब दो देशों के शीर्ष नेता औपचारिक प्रोटोकॉल से इतर एक ही कार में साथ यात्रा करते हैं, तो इसे अनौपचारिक कूटनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा सकता है। इसे आम तौर पर Car Diplomacy कहा जाता है।
किसी विदेशी नेता का एयरपोर्ट पर स्वागत करना, उसके साथ कार में बैठकर यात्रा करना या खुद गाड़ी चलाकर दूसरे नेता को किसी कार्यक्रम स्थल तक ले जाना—ये सभी तस्वीरें राजनीतिक और कूटनीतिक संदेश दे सकती हैं।
ऐसी यात्रा का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि आमतौर पर राष्ट्राध्यक्षों की आवाजाही बेहद सख्त सुरक्षा और प्रोटोकॉल के बीच होती है। ऐसे में दो नेताओं का एक ही वाहन में सफर करना उनके बीच सहजता और व्यक्तिगत संपर्क का संकेत माना जाता है।
मोदी और पुतिन के मामले में यह तस्वीर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और रूस के बीच लंबे समय से रणनीतिक साझेदारी रही है। दोनों देशों के रिश्तों में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और अन्य रणनीतिक मुद्दों की अहम भूमिका है।
पुतिन की Aurus Senat क्यों है खास?
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की PM Modi Putin Car Ride जिस कार में हुई, वह रूस की राष्ट्रपति लिमोजिन Aurus Senat है। यह कार अपनी विशाल बनावट, सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के लिए जानी जाती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार बख्तरबंद संस्करण का वजन करीब 7 टन से अधिक हो सकता है। इसकी लंबाई लगभग 6.7 मीटर बताई जाती है। कार को राष्ट्राध्यक्षों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
Aurus Senat के बख्तरबंद संस्करण में सुरक्षा के लिए बेहद मजबूत बॉडी और विशेष सुरक्षा तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इसका उद्देश्य राष्ट्रपति जैसे हाई-प्रोफाइल व्यक्ति को संभावित गोलीबारी और विस्फोट जैसे खतरों से सुरक्षित रखना है।
इस कार की एक और खासियत इसकी ताकत और रफ्तार है। इसकी अधिकतम गति करीब 250 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई जाती है। तुलना के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति की आधिकारिक कार ‘The Beast’ की अधिकतम गति लगभग 112 किलोमीटर प्रति घंटे बताई जाती है।
हालांकि राष्ट्राध्यक्षों की आधिकारिक कारों की असली सुरक्षा क्षमताओं और कई तकनीकी विवरणों को सार्वजनिक नहीं किया जाता। सुरक्षा कारणों से इनके बारे में कई जानकारियां गोपनीय भी रहती हैं।
5 मिनट की यात्रा, लेकिन बड़ा कूटनीतिक संदेश
दिल्ली में मोदी और पुतिन की करीब 5 मिनट की कार यात्रा समय के लिहाज से छोटी थी, लेकिन तस्वीरों के लिहाज से इसका संदेश बड़ा माना जा रहा है।
द्विपक्षीय बैठक के बाद दोनों नेताओं का एक साथ कार में बैठकर प्रदर्शनी तक जाना यह दिखाता है कि दोनों नेताओं के बीच औपचारिक बैठक के अलावा भी संवाद और व्यक्तिगत संपर्क की गुंजाइश बनी हुई है।
यही वजह है कि PM Modi Putin Car Ride की तस्वीरों ने एक बार फिर ध्यान खींचा है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में कई बार छोटी-सी तस्वीर भी लंबे राजनीतिक संदेश का माध्यम बन जाती है। मोदी-पुतिन की यह कार राइड भी ऐसी ही तस्वीरों में शामिल हो गई है।















